अगवानपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अधिकतर महिलाओं को मायके की सूची में नाम नहीं मिल रहा है। महिलाएं नाम 2003 की सूची में देखने के लिए मायके का चक्कर लगा रहीं हैं। यहां उनको कहीं बीएलओ नहीं मिल रहे हैं। वहीं 2003 की सूची में नाम नहीं मिलने की गड़बड़ियां भी प्रकाश में आ रहीं हैं।
नपं अगवानपुर में मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चार नवंबर से शुरू किया गया। एसआईआर प्रकिया समाप्त होने में सिर्फ 10 दिन का समय बचा है। इस दौरान 20 बीएलओ समेत संभ्रांत लोग बड़े स्तर पर नगर में अभियान चलाकर लोगों को मदद कर रहे हैं। काफी संख्या में मतदाताओं ने फार्म भरकर बीएलओ को जमा करा दिए हैं। जो महिलाएं 1985 के बाद शादी कर अगवानपुर आई थी। उनको अपने माता पिता की सूची के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाएं अपने मायके से 2003 की मतदाता सूची की फोटो मंगवा रहीं हैं। काफी बड़ी तादात में महिलाओं की शिकायत है कि क्षेत्रीय बीएलओ मौके पर नहीं मिलते है। अगर बीएलओ मिल भी रहे तो मतदाता सूची में नाम तलाशने में कठिनाई हो रहीं है। मतदाता सूची में माता-पिता के नाम में गड़बड़ी मिल रहीं है। महिलाओं का कहना हैं कि समय कम है। इसलिए मायके वाली सूची की वजह से काफी नाम 2025 की मतदाता सूची से वंचित कर सकते हैं।
00 बीएलओ के घर आने से पहले फार्म लिए
अगवानपुर में 2025 की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने की जल्दबाजी में लोगों ने बीएलओ के घर आने से पहले फार्म लेकर रख लिए।उस फार्म को भरने का तरीका तक नहीं मालूम है। ऐसे लोगों को फार्म भरने में दिक्कत आ रहीं है। अभियान का 20 दिन गुजरने के बाद भी काफी लोगों ने गणना फॉर्म भरकर नहीं लौटाया है।
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