अमरोहा पुलिस के पास पुख्ता सूचनाएं थीं कि शौकत के मर्डर के बाद तुर्क बिरादरी महबूब के खिलाफ सुलग रही है। शौकत का शव पहुंचने पर हाईवे पर बवाल की आशंका से अफसर अंजान नहीं थे। लेकिन इसके बाद भी पुलिस भीड़ को हाईवे पर आने से नहीं रोक सकी। जिसका खामियाजा भुगता हाईवे से गुजर रहे हजारों बेगुनाहों ने।
पांच घंटे तक नेशनल हाईवे पर खौफ और अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस की नाकामी ने शौकत हत्याकांड को लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लोगों की जुबां पर ला दिया। हाईवे पर जोया से लेकर इधर मुरादाबाद तक और दूसरी ओर गढ़ तक वाहनों की कतारें लग गईं। पब्लिक पांच घंटे से भी अधिक वक्त तक इस जाम में बिललिाती रही। नेशनल हाईवे जाम हुआ तो तपिश दिल्ली से लेकर लखनऊ तक पहुंची। कई वीआईपी भी जाम में फंस गए तो कुछ वीआईपी ने अफसरों से हाल पूछा और बीच में ही कहीं रुक गए। बवाल के आसपास के इलाके में फंसे लोग खौफ से कांपते रहे।
वाहनों में तोड़फोड़ होता देख लोग सहम गए और फोन पर मदद की गुहार लगाते दिखे। उधर, लखनऊ से दिल्ली की तरफ बढ़ रहे तमाम लोगों ने खतरे में सफर करने के बजाए मुरादाबाद में स्टे बेहतर समझा। जोया में हाईवे पर बवाल के बाद मुरादाबाद तक वाहनों की कतारें लगीं तो फैमिली के साथ निकले लोगों ने मुरादाबाद के होटलों में ही रात गुजारना को प्राथमिकता दी और यहीं रुक गए। हाईवे के पांच घंटे तक भीड़ के कब्जे में रहने पर लखनऊ में बैठे आला अफसरों ने भी फोन घनघनाने शुरू कर दिए। यदि पुलिस ने थोड़ी संजीदगी दिखाई होती तो भीड़ को हाईवे पर आने से रोका जा सकता था। लेकिन पुलिस ने एहतियाती कदम उठाने के साथ ही पब्लिक में विश्वास पैदा करने की भी कोई कोशिश नहीं की।
पाकबड़ा से डायवर्ट किया गया ट्रैफिक
मुरादाबाद। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद पुलिस ने पाकबड़ा से ट्रैफिक को कैलसा होते हुए अमरोहा को डायवर्ट किया। अमरोहा से जोया होते हुए वाहन दिल्ली को निकाले गए। जोया में बवाल संभल चौराहे हो रहा था। जोया से दिल्ली को लिंक करने वाले रोड पर वाहनों की आवाजाही बनी रही। करीब पचास किलोमीटर लंबे जाम में हजारों वाहन फंस गए तो देर शाम ट्रैफिक पुलिस ने पाकबड़ा से बागड़पुर काट से वाहनों को कैलसा रोड से अमरोहा की ओर भेजना शुरू किया। अमरोहा से आने वाले वाहनों को इसी रास्ते से मुरादाबाद की ओर भेजा गया।
मंडलभर से बुलाई गई फोर्स
मुरादाबाद। कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खिलाफ लोगों ने बवाल किया तो अफसरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते भड़की भीड़ ने वाहनों में तोड़ फोड़ कर दी। अमरोहा जिले के सभी थानों से फोर्स बुला ली गई। डीआईजी ओंकार सिंह ने मुरादाबाद, संभल, रामपुर और बिजनौर से पुलिस व पीएसी को मौके पर पहुंचने के आदेश दिए। जिसके बाद हाईवे को छावनी में तब्दील कर दिया गया।