फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में जीएसटी चोरी: कबाड़ी इखलाक की डायरी से मिले 535 फर्मों के नाम, दिल्ली और गुजरात से जुड़ रहे कनेक्शन

Tue, 25 Nov 2025 06:17 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

जीएसटी चोरी की जांच में दिल्ली और गुजरात की सबसे ज्यादा बोगस फर्में सामने आई हैं। आरोपी इखलाक की डायरी से 535 फर्मों की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। गिरोह ने करीब 400 करोड़ की जीएसटी चोरी की है।
विज्ञापन
मुरादाबाद में कर चोरी की जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करोड़ों की जीएसटी चोरी मामले में जांच के दौरान सबसे अधिक दिल्ली और गुजरात की बोगस फर्मों के कनेक्शन मिल रहे हैं। पता चला है कि गुजरात की बड़ी फर्मों ने सरकार को चूना लगाने के लिए बोगस फर्मों का इस्तेमाल किया है। एसआईटी द्वारा जीएसटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी इखलाक की डायरी से 535 फर्मों के नाम और नंबर मिले हैं।

विज्ञापन


पुलिस ने डायरी में मिले सबूतों को राज्य कर के अधिकारियों से शेयर किया है। इसी आधार राज्य कर विभाग के अधिकारी अपर आयुक्त ग्रेड-1 असोश सिंह के नेतृत्व में छानबीन कर रहे हैं। पहले राज्य कर विभाग ने 144 बोगस फर्मों को खंगाला था लेकिन अब अन्य फर्मों के प्रकाश में आने पर जांच का दायरा काफी बढ़ गया है।

इस मामले में सबसे अधिक बोगस फर्में दिल्ली और गुजरात की पाई जा रही है। गुजरात की कुछ बड़ी फर्मों के कनेक्शन बोगस फर्मों से जुड़ते जा रहे हैं। जांच में आया  कि मेरठ के रहने वाले शाहिद अपने करीबी लुधियाना के रहने वाले सीए के माध्यम से ई वे बिल निकलवाता था।
विज्ञापन


इसका इस्तेमाल दिल्ली और गुजरात के कारोबारी कर रहे थे। शाहिद के निर्देशन में इखलाक ने बेरोजगार अंकित के मोबाइल नंबरों से 144 बोगस फर्मों का पंजीयन सीजीएसटी में कराया था। शाहिद ने भी कॉल सेंटर के नंबरों और कागजात को लेकर अलग फर्मों का पंजीयन कराया था लेकिन इखलाक डायरी में फर्मों की जानकारी लिखता था।

एसआईटी के हत्थे चढ़ा इत्तेफाक कबाड़ी दोनों का राजदार था। वह लोहे के कारोबार के बारे में अधिक जानकारी रखता था। गिरोह ने कॉल सेंटर से मिले लड़कियों के नंबरों का इस्तेमाल किया है। एसआईटी के पास छह लोगों के नाम सामने आए हैं।

इस मामले में पुलिस सीडीआर निकालकर  उनकी  छानबीन कर रही है। जांच के दायरे में दिल्ली के दो कॉल सेंटर भी हैं। राज्य कर अधिकारियों की जांच में आया है कि शाहिद  ने दो मोबाइल नंबरों और ईमेल के माध्यम से यूपी दिल्ली, पश्चिम बंगाल के अलावा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक 144 बोगस फर्मों का पंजीयन कराया था।

उसने एक ही पैन कार्ड का कई स्थानों पर इस्तेमाल किया था। फर्जीवाड़ा कर गिरोह ने करीब 400 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इस मामले में गठित एसआईटी ने मास्टर माइंड के खिलाफ काफी जानकारियां इकट्ठा की हैं। राज्य कर के अधिकारियों ने इस मामले में दिल्ली के अधिकारियों से जानकारी शेयर की है।

अधिकारी बोगस पंजीयन निरस्त करने में जुटे 
राज्यकर के अधिकारियों ने बोगस फर्मों के बारे में सीजीएसटी के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। इसी आधार पर सीजीएसटी के अधिकारियों ने 12 फर्मों का पंजीयन निरस्त किया है। सीजीएसटी इस मामले में अलग से जांच कर रही है।  

लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा  
मुरादाबाद। राज्य कर के मोबाइल दस्ते ने कांठ रोड पर चेकिंग के दौरान सोमवार की रात लकड़ी से लदा एक ट्रक पकड़ लिया। आशंका है कि चालक अवैध ढंग से लकड़ी की खेप हरियाणा लेकर जा रहा था। इस बारे में राज्य कर अधिकारियों का कहना है कि अधिक चेकिंग के कारण लकड़ी कारोबारी काफी कम संख्या में माल भेज रहे हैं।
विज्ञापन

राज्य कर के वरिष्ठ अधिकारी बोगस फर्मों के पंजीयन की जांच रात दिन  कर रहे हैं। जांच में काफी समय लग सकता है। इस कारण कोई  निष्कर्ष अभी निकालना मुश्किल है। -आरए सेठ, अपर आयुक्त ग्रेड -2, मुरादाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें