मुरादाबाद। एसआईटी ने कोतवाली में दर्ज जीएसटी चोरी के मामले की जांच की तो सामने आया कि जिस मोबाइल नंबर से फर्म का पंजीयन किया गया था उस ही नंबर पर 11 और फर्म का पंजीयन किया गया है। इसके अलावा बैंक खाते भी दूसरों के नाम से खोले गए हैं। एसआईटी जीएसटी चोरी से जुड़े नौ मुकदमों की जांच कर रही है। एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार के नेतृत्व में 11 सदस्य एसआईटी जांच कर रही है। टीम को पहले आठ मुकदमों की विवेचना करनी थी लेकिन मंगलवार को ठाकुरद्वारा में जीएसटी से जुड़ा एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। अब मुकदमों की संख्या नौ हो गई है। राज्यकर विभाग की टीम ने अमरोहा के नौगांवा में एक ट्रक पकड़ा था जिसमें लकड़ी लदी थी। टीम ने जांच पड़ताल में पता चला कि बिजनौर के नगीना निवासी फरमान नाम के व्यक्ति के नाम पर फर्म कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन पर चल रही है। एसआईटी ने इस मामले की जांच शुरू की जिसमें पता चला है कि रेलवे स्टेशन पर कोई फर्म नहीं है। इसके बाद टीम ने फरमान की तलाश में बिजनौर के नगीना में दबिश दी लेकिन इस पते पर कोई फरमान नहीं मिला है। एसआईअी ने इस मामले की गहनता से जांच की। उस नंबर की डिटेल निकलवाई जिस नंबर को फर्म पंजीयन में इस्तेमाल किया गया तब पता पता चला कि इस नंबर से 11 और फर्माें का पंजीयन किया है। अब तक इस बात की जांच पड़ताल में जुट गई है कि यह फर्म कहां कहां स्थित हैं और इन फर्मों से क्या क्या कारोबार किया जा रहा है। जांच में बात भी सामने आई है कि फर्म के पंजीयन में खाते भी दूसरे लोगों के लगाए गए हैं। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि एसआईटी सभी केसों की गहनता से जांच कर रही है।