छजलैट निवासी राकेश कुमार (28 ) का शव शादी के तीसरे दिन फंदे पर लटका मिला। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया है। हालांकि, मौत का खुलासा नहीं हो सका है। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राकेश कुमार हरिद्वार स्थित एक कारखाने में नौकरी करता था। उसकी पहली पत्नी पिंकी निवासी स्यौहारा जिला अमरोहा की 2009 में संदिग्ध हालत में जलने से मौत हो गई थी। राकेश और उसके परिजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने पर आरोपी जेल गए थे। हालांकि अब वह सभी जेल से बाहर हैं। राकेश की दूसरी शादी अमरोहा के विरामपुर में रहने वाले हरि सिंह की बेटी लक्ष्मी से दो दिन पहले 23 मार्च को हुई थी। 24 मार्च को दुल्हन को लेकर वह घर आया था।
उसी दिन दोपहर ढाई बजे वह घर में चल रहे मांगलिक कार्यक्रमों के बीच परिजनों को कुछ बताए घर से चला गया फिर वापस नहीं लौटा। देर शाम से ही उसकी तलाश में परिजन जुट गए। रविवार की सुबह ग्रामीण खेत में गए तो उन्हें राकेश का शव शीशम के पेड़ पर रस्सी से बने फंदे पर लटका देखा।
यह सूचना राकेश के परिजनों और पुलिस को दी गई। घर में कोहराम मच गया एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर जाकर पुलिस ने जांच की। शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया, मौके पर सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। दोपहर को पोस्टमार्टम होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आत्महत्या की वजह के बारे में जानकारी की जा रही है।