गौतमबुद्ध नगर स्थित बैनेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बीबीए के छात्र यश मित्तल (22) की छह करोड़ रुपये की फिरौती के लिए दोस्तों ने हत्या कर दी। आरोपियों ने छात्र के कारोबारी पिता को मोबाइल पर संदेश भेजकर फिरौती की रकम मांगी थी।
अमरोहा के गजरौला निवासी बीबीए के छात्र यश मित्तल की हत्या से जहां उसका परिवार बुरी तरह से टूट चुका है। पढ़ाई में तेज यश मित्तल दोस्तों की सीरत नहीं पढ़ सका। उसकी संगत में ऐसे युवा थे, जिन्होंने उसकी जान ले ली। उसकी हत्या करने वाले आरोपियों के परिवार भी हैरान हैं। वजह, हत्या में शामिल पांचों आरोपियों को अपराध से कोई नाता नहीं रहा है।
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यश मित्तल प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक प्रथम श्रेणी में पास होने वाले यश के उज्ज्वल भविष्य को लेकर परिजन उसे अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने उसे नोएडा की बैनेट यूनिवर्सिटी में बीबीए में दाखिला दिलाया था। लेकिन गलत संगत वाले दोस्तों ने उनकी उम्मीदों को धराशायी कर दिया।
यश के परिजनों ने बताया कि उसने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट गजरौला के ही सेंट मेरी स्कूल से प्रथम श्रेणी में पास किया। बताया कि लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी सुशांत वर्मा भी उसके साथ पढ़ता था। उसका आना जाना घर पर रहता था। दो साल पहले ही सुशांत वर्मा ने रचित नागर और शुभम चौधरी से मुलाकात कराई थी। बताया जाता है कि तीनों की संगत ठीक नही थी। दोस्तों ने यश को मौत के घाट उतार कर परिजनों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे यश मित्तल का दादरी से अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने यश के पिता से छह करोड़ की फिरौती भी मांगी थी। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि गजरौला व सैदनगली निवासी सभी आरोपियों में किसी का भी पुराना कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। हालांकि, सभी यश हत्याकांड में शामिल रहे। दादरी पुलिस ने सभी गिरफ्तार कर लिया है।
हत्यारोपी शुभम
हत्याकांड का आरोपी शुभम अच्छे परिवार का बेटा है। लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी शुभम के पिता भीष्म सिंह का ट्रांसपोर्ट का काम था। कुछ वर्षों पूर्व उनकी मौत हो गई। उसकी दो बड़ी बहन हैं। जिनमें एक सीआरपीएफ में दरोगा है, जबकि दूसरी बहन उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही है। मगर पिता की मौत हो जाने पर वह गलत संगत में पड़ गया। लोगों का कहना है कि वह दिन भर आवारागर्दी करता था।
हत्यारोपी रचित नागर
नगर से सटे तिगरिया भूड़ का निवासी है। रचित दो भाइयों में छोटा है। उसके पिता चंद्रपाल सिंह के पास गुजारा करने लायक खेती की जमीन है। रचित का बड़ा भाई खेतीबाड़ी संभालता है, जबकि पिता अन्य कार्य भी करते हैं। रचित गलत संगत में न पड़े, इसलिए परिजनों ने उसकी बड़े भाई की साली के साथ शादी कर दी। आस पास के लोगों का कहना है कि वह आवारागर्दी करता था। घर पर कोई काम नहीं करने के कारण कुछ महीने पहले परिजनों ने उसकी बांध कर पिटाई की थी।
हत्यारोपी सुशांत वर्मा
लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी सुशांत वर्मा है। उसके पिता जीवन वर्मा एक औद्योगिक इकाई में काम करते हैं। उनकी गिनती बेहद अच्छे इंसानों में की जाती है। उन पर दो बेटियां और बेटा सुशांत वर्मा है। जिसे पढ़ाने के लिए उन्होंने काेई कसर नहीं छोड़ी। एक अच्छे कान्वेंट स्कूल में दाखिल दिलाया। बताया जाता है कि वह दसवीं तक तो सही संगत में रहा। इसके बाद उसकी संगत बिगड़ती चली गई। उसने इंटरमीडिएट में प्रवेश तो लिया, लेकिन स्कूल नहीं गया।
हत्यारोपी शिवम उर्फ मोंटी
सैदनगली निवासी शिवम उर्फ मोंटी यश हत्याकांड में शामिल रहा। शिवम के पिता धनवीर सिंह संभल में बिजली विभाग में कर्मचारी हैं। जबकि शिवम की माता सुनीता कस्बे में ही प्राइवेट क्लीनिक चलाती हैं। शिवम के पिता धनवीर सिंह ने बताया कि शिवम एक यूनिवर्सिटी से अल्ट्रासाउंड टेक्नीशियन से संबंधित डिप्लोमा कोर्स कर रहा है। पुलिस ने धनवीर सिंह से फोन पर उनके बेटे के बारे में भी जानकारी हासिल की है। हालांकि, उनका कहना था कि उनका बेटा ने कभी अपराध नहीं किया। वैसे वहां कैसे पहुंचा। सोच-सोच कर हैरान हैं।
आपराधिक प्रवृति का है सुमित, पिता करते हैं मजदूरी
यश की हत्या में शामिल रहा सैदनगली निवासी सुमित आपराधिक प्रवृति का है। उसके पिता शेर सिंह मजदूरी करते हैं। बृहस्पतिवार की शाम को सुमित के घर पर ताला लगा हुआ था। घर के सभी सदस्य कहीं गए हुए हैं। पड़ोसियों ने बताया कि सुबह ही घर से लोग घर पर ताला बंद करके बिना कुछ बताए कहीं गए थे। लोगों का कहना है कि सुमित आपराधिक एवं नशेड़ी किस्म का युवक है। गलत युवकों की संगत में रहता है।