मुरादाबाद। सिविल लाइंस क्षेत्र की सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया। इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बरेली के पांच लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। इसमें एक फर्म भी शामिल है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने कुछ दिन पहले जिला निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दाैरान सिविल लाइंस क्षेत्र की नजूल की जमीन बेचने का मामला सामने आया। इसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए। जांच में सामने आया है कि वर्ष 1917 में पीलीकोठी से बिंदल तक गाटा संख्या 424-ए और 424-ब नजूल भूमि एमए मिशन मेथोडिस्ट चर्च को पट्टे पर दी गई थी। इसमें शर्त लगाई गई थी कि 90 साल बाद भूमि फिर से नजूल में दर्ज हो जाएगी।
आरोप है कि चर्च के पदाधिकारियों ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि बरेली की फर्म विलियम कंस्ट्रक्शन को डीड कर दी। बाद में विलियम कंस्ट्रक्शन ने कुछ लोगों की मदद से प्लाॅटिंग कर सरकारी भूमि को बेच दी। एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय ने बताया कि इस मामले में विलियम कंस्ट्रक्शन के विलियम दिलावर, मनोहर लाल, विकास गुप्ता, पाल सारस्वत और लक्ष्मी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड फर्म काे नोटिस जारी किए गए हैं। पांचों को नोटिस के 15 दिन के भीतर पेश होकर जवाब देना होगा।