कांठ के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने बुधवार को युवती की मां और केस की वादी के 164 के बयान अदालत में कराए। बयानों का अवलोकन करने के बाद थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने अपने बयानों में वही बात दोहराई है, जो उसने तहरीर में लिखकर दी थी। महिला ने कहा कि उसकी बेटी का धर्मांतरण कराकर उसकी शादी कराने की कोशिश की है।
बिजनौर निवासी महिला ने पांच दिसंबर को धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत कांठ थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि कांठ के पट्टेगंज निवासी राशिद और उसका भाई सलीम उसकी बेटी को देहरादून से कांठ ले आए और यहां धर्मांतरण कराकर उसकी शादी कराने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को युवती के कोर्ट में 164 के बयान कराए गए थे। कोर्ट में युवती ने बयान दिया कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है। इस पर कोर्ट ने उसे स्वेच्छा से कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया था।
इस पर युवती सीधी ससुराल पहुंची थी। बुधवार को पुलिस ने केस की वादी महिला के धारा 164 में बयान दर्ज कराए। थाना प्रभारी अजय कुमार गौतम ने बताया कि बयानों का अवलोकन कर लिया गया है। महिला ने कोर्ट में दिए बयान में तहरीर की बात को ही दोहराया है। 161 के बयान में भी महिला ने वही बात कही थी। महिला ने कहा कि उसकी बेटी का धर्मांतरण कराकर शादी की गई है।
युवती की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
नारी निकेतन पर उत्पीड़न और अस्पताल में धोखे से गर्भपात करने का आरोप लगाने वाली युवती की हालत बिगड़ गई है। ससुराल वालों ने बताया कि युवती का इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल का नाम बताने से साफ इनकार कर दिया।
पांच दिसंबर को कांठ थाने में धर्मांतरण का मामला दर्ज किया गया था। इसमें बिजनौर जिले की महिला ने कांठ नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी राशिद और उसके भाई सलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी का धर्मांतरण कराकर शादी कराने की कोशिश की गई है। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि युवती को नारी निकेतन भेज दिया था।
न्यायालय में युवती के बयान होने के बाद सोमवार को सीजेएम कोर्ट ने युवती की मर्जी से उसे ससुराल वालों के सुपुर्द कर दिया था। मंगलवार को ससुराल में ही युवती ने आरोप लगाए थे कि उसके पेट में दर्द की शिकायत होने पर नारी निकेतन के स्टाफ ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। वह गर्भवती थी। यहां चिकित्सकों ने दवाइयां देकर उसका गर्भपात करा दिया। बुधवार को युवती को ससुराल से भी कहीं दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है।
युवती से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने कॉल रिसीव करने के बाद अपनी ननद को फोन थमा दिया। ननद ने बताया कि युवती की हालत गंभीर है। उसका इलाज कराया जा रहा है। लेकिन उसने अस्पताल का नाम बताने से साफ इनकार कर दिया है। ननद ने बताया कि युवती को अपनी जान का खतरा है। इसलिए वह अस्पताल और जगह का नाम नहीं बताएगी।
युवती को उसकी ससुराल वालों की सुपुर्दगी में दिया गया था। उसने सुरक्षा की कोई मांग नहीं की है। अगर उसे दिक्कत है या धमकियां मिल रही हैं तो वह थाने में तहरीर दे सकती है। धमकियां देने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी