मुरादाबाद। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि गटेजियर का दूसरा खंड मंडल की सांस्कृतिक विरासत का संकलन का है। गजेटियर से नई पीढ़ी को मंडल की विरासत के बारे में तथ्यात्मक जानकारी मिलेगी।
हिंदी दिवस पर मंडलायुक्त सभागार में मंडल के गजेटियर पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि गजेटियर में जो भी तथ्य प्रकाशित किए गए हैं, वे पूरी तरह सत्यापित हैं। उन्होंने कहा कि मंडलीय गजेटियर खंड-2 कवि साहित्यकार स्व. माहेश्वर तिवारी को समर्पित है। इसमें सरकारी विभागों के विकास के आंकड़े दिए गए हैं।
गजेटियर तैयार करने में सबसे अधिक सहयोग लखनऊ की बचत अधिकारी एवं अतिथि संपादक निवेदिता ने किया। गजेटियर के कवर पर फोटो दसवीं शताब्दी की मूर्ति का है। इसके साथ ही पद्मश्री बाबूराम यादव द्वारा ब्रास की प्लेट पर की गई नक्काशी को दर्शाया गया है। इसमें कई तथ्य काफी खोज के बाद मिले हैं। कार्यक्रम के दाैरान अपर आयुक्त खाद्य अशोक कुमार सिंह ने एक कविता की धुन पर बांसुरी वादन कर तालियां बटोरी।
पहले मुरादाबाद में आकर बसे थे आर्य
मंडलायुक्त ने कहा कि आर्य पहले मुरादाबाद में आकर बसे थे। इसकी जानकारी भारतीय पुरातत्व विभाग की खोदाई से मिली है। इस मामले में अभी और खोज की जरूरत है। गजेटियर में ब्रिटिश शासन के दौरान घोषित जैसे भातु, हबूड़ा सहित अन्य घूमंतू आपराधिक जातियां के बारे में जानकारी दी गई है। वाद्य यंत्रों के अलावा रामपुर की तूती बेगम का जिक्र किया गया है। बिजनौर स्थित कण्व ऋषि के आश्रम, पृथ्वीराज चौहान के आने का वर्णन किया गया है। कार्यक्रम का संचालन बबिता मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन सर्वेश कुमार गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर गजेंद्र प्रताप सिंह, साहित्यकार मनोज रस्तोगी, बाल सुंदरी तिवारी, आसिफ सहित अन्य लोग मौजूद थे।