एसएसपी हेमराज मीना ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन में ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में यूनियन बैंक की शाखा में बिजनौर के नूरपुर थाना के असरगरीपुर निवासी टिंकू दो लोगों को लेकर फर्जी आधार कार्ड की मदद से खाता खुलवाने पहुंचा था। बैंक कर्मचारियों ने जब चेक किया तो आधार कार्ड फर्जी निकला। इसकी सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी ऊषा मलिक पुलिस टीम लेकर मौके पर पहुंच गईं और टिंकू को पकड़ लिया। पूछताछ में उसके अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी हुई। इसके बाद एसओजी ने भी इस केस पर काम शुरू कर दिया था। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के सुतावली की मढैया निवासी कोशेंद्र, अमित, अनुज पुत्र जगदेव सिंह और उसके भाई अंकित और अनुज पुत्र रामौतार, अमरोहा के हसनपुर थाना के डगरोली निवासी अर्जुन व शाहपुर कला निवासी पिंटू सिंह और बिलारी थाना क्षेत्र के मुडिया भीकन निवासी शमशाद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बताया कि वह ऐसे लोगों कॉल करते हैं। जिन्होंने जॉब के लिए ऑन लाइन आवेदन किया होता है। वह आरोपियों की बातों फंस आते हैं और इनके बताए खातों में रकम ट्रांसफर कर देते हैं। आरोपी अब तक दो हजार से ज्यादा लोगों से साइबर ठगी कर चुके हैं। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी सोमवार शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी जेल भेज दिए हैं।
पुलिस ने आरोपियों से दो लैपटॉप, दस सिम कार्ड, 12 आधार कार्ड, 8 पैन कार्ड, 11 डेबिट कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, तीन मतदाता पहचान पत्र, तीन बैंक पास बुक, 11 मोबाइल कई फर्जी नियुक्ति, बैंक स्टेटमेंट और 24 हजार 980 रुपये की नकदी बरामद की है।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि पूछताछ में बताया कि आरोपियों ने युवकों को झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करके 24 बैंक खाते भी खुलवाए हैं। जिनमें करीब 60 हजार रुपये की धनराशि है। उन खातों को सीज करा दिया गया है।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में कोशेंद्र, अमित, अनुज व अंकित ने नोएडा में कॉल सेंटर पर काम किया था। यहां आरोपियों ने लोगों को ठगने की पूरी ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद आरोपियों ने अमरोहा और मुरादाबाद में आकर लोगों को ठगने के लिए कॉल सेंटर बना लिया था। आरोपी कहीं एक जगह बैठकर कॉल नहीं करते हैं बल्कि जगह बदल बदल कर लोगों को कॉल करते हैं। आरोपियों ने ऑनलाइन डाटा डॉट कॉम और नौकरी डॉट कॉम से मिल जाता है। उस डाटा में मिले मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्सएप मैसेज करके सामने वाले को उसका उसका फार्म भेज देते हैं। जिससे उन्हें विश्वास हो जाता है। इसके बाद पहले उससे 150 रुपये खाते में ट्रांसफर कराते हैं। इसके बाद इंटरव्यू कराने के नाम पर 550 रुपये, फिर मेडिकल कराने के नाम पर दो हजार से ढाई हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कराते हैं। बाद में नियुक्त पत्र देने के नाम पर साढ़े चार से पांच हजार रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भेज देते थे।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला ह कि उन्होंने मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, रामपुर, अमरोहा समेत पूरे उत्तर प्रदेश और आसपास के प्रदेशों के करीब दो हजार लोगों को इस तरह से ठग चुके हैं। आरोपी साइबर ठगी का सारा पैसा खातों में ट्रांसफर कराकर गूगल पे , साइबर कैफे से निकालकर आपस में बराबर बांट लेते हैं।