मुरादाबाद। काशी विश्वनाथ के एसी कोच में खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर सफर करने वाले एक शख्स को टीटीई ने आरपीएफ के हवाले कर दिया। टीटीई के मुताबिक विजिलेंस में तैनाती बताने वाला शख्स अपनी पहचान को लेकर गुमराह कर रहा था। अब आरपीएफ पकड़े गए शख्स की पहचान की सत्यता जांचने में लगी है।
दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 14258 के टीटीई राजेश कुमार ने आरपीएफ इंस्पेक्टर बीआर यादव को बताया कि गाजियाबाद से एक शख्स मुरादाबाद के लिए सफर करना चाहता था। उसने खुद को विजिलेंस का अफसर बताया था। उन्होंने उसको ए-1 कोच में बैठने के लिए कहा। ट्रेन में चूंकि टीटीई लखनऊ का स्टाफ था। इसलिए मुरादाबाद स्टेशन आने से पहले वह ए-1 कोच में पहुंचे। यहां उन्हें उसकी पहचान को लेकर शंका हुई। आईडी दिखाने की बात पर गहमा-गहमी हुई। मामला तूल पकड़ने के बाद उन्होंने उस शख्स को फर्जी विजिलेंस अधिकारी बताकर आरपीएफ इंस्पेक्टर बीआर यादव के हवाले किया। आरपीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक पहचान सत्यापित कराने के प्रयास जारी है। टीटीई की तरफ से मेमू जारी हुआ है। पहचान सत्यापित होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।