मुरादाबाद। कोरोना काल में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए फ्रंटलाइन वर्करों ने रात दिन मेहनत की। नगर निकाय कर्मचारियों ने संक्रमण की परवाह किए बिना गली मोहल्लों को सैनिटाइज किया। पुलिस कर्मियों ने मोहल्लों को सील कर संक्रमण के चेन को तोड़ने काम किया। लेकिन अब संक्रमण से खुद के बचाव का वक्त आया तो फ्रंटलाइन वर्करों ने अपने कदम पीछे हटा लिए। टीकाकरण के दो दिनों में सिर्फ 49 फीसदी फ्रंटलाइन वर्करों ने ही कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई।
दूसरे चरण में पांच फरवरी से जिले में फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन कोरोना टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। पहले दिन फ्रंटलाइन वर्करों में उत्साह दिखा और स्वास्थ्य कर्मियों से 1.61 प्रतिशत अधिक 76.36 फ्रंटलाइन वर्करों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को टीकाकरण मेें फ्रंटलाइन वर्करों में उत्साह कम ही देखने को मिला। गुरुवार 48.5 और शुक्रवार को 49.45 प्रतिशत टीकाकरण हो सका। इन दो दिनों का कुल प्रतिशत भी पचास फीसदी के आंकड़े को पार नहीं कर सका। दो दिन में निर्धारित लक्ष्य 9009 के सापेक्ष सिर्फ 4414 फ्रंटलाइन वर्कर ही टीका लगवाने के लिए आगे आए। इसमें पुलिस कर्मी, पीटीसी, पीएसी, पंचायतीराज, नगर निकाय के कर्मचारी शामिल हैं।
- मुरादाबाद में ही नहीं पूरे प्रदेश में टीकाकरण का प्रतिशत कम है। इसकी एक वजह पोर्टल पर नामों की फीडिंग सही ढंग नहीं होना है। सूची में पीएसी और पीटीसी के उन पुलिस कर्मियों भी नाम शामिल हैं, जो यहां नहीं है। इसके अलावा मैसेज भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं। नगर निगम की मांग पर टाउन हॉल और पीलीकोठी कार्यालय में टीकाकरण के चार सत्र लगाए थे, लेकिन कर्मचारियों ने रुचि नहीं दिखाई। उन्हें जागरूक किया जाएगा। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
दो दिन के टीकाकरण का प्रतिशत
- 11 फरवरी को 48.5 प्रतिशत
- 12 फरवरी को 49.45 प्रतिशत
- दो दिन का कुल प्रतिशत : 49
टीकाकरण का प्रतिशत
- पुलिस : 37.27
- नगर निगम : 36.55
- पीटीसी : 59.56
- पंचायतीराज : 73.6
- पीएसी : 84.8
- पुलिस, नगर निगम : 83.66