साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त आईएएस अफसर डीके गुप्ता ने 54 हजार रुपये जमा करा लिए। आरोपियों ने ये रकम बीमा पॉलिसी की किस्त के नाम पर जमा कराई थी। सिविल लाइंस थाने में तहरीर के आधार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी डीके गुप्ता सेवानिवृत्त आईएएस अफसर हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में उनकी तैनाती रही है। डीके गुप्ता का मढ़न में भी फार्म हाउस है। वर्तमान में वह परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मैक्स इंश्योरेंस कंपनी में उन्होंने बीमा पॉलिसी कराई थी। जिसकी वार्षिक किस्त 60 हजार रुपये जमा होती है। 13 मई 2019 को एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को मैक्स इंश्योरेंस कंपनी से बताया। महिला ने बताया कि पंद्रह मई से पहले किसी सरकारी बैंक से किस्त जमा करेंगे तो जीएसटी के छह हजार रुपये की बचत हो जाएगी। उन्हें केवल 54 हजार रुपये ही जमा करने होंगे।
डीके शर्मा का एसबीआई की सिविल लाइंस शाखा में खाता है। उन्होंने इसी खाते से आरटीजीएस के जरिए आरोपी महिला द्वारा बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर करा दी। कुछ दिन बार कंपनी की ओर से कॉल कर बताया कि अब तक उनकी किस्त जमा नहीं हुई है। तब उन्हें साइबर ठगी की जानकारी हो सकी। उन्होंने नोएडा एसएसपी को इस मामले की शिकायत की। नोएडा की साइबर सेल ने इस मामले की जांच की। जिसमें पाया गया कि डीके गुप्ता के साथ साइबर का मामला मुरादाबाद से संबंधित है। जांच करने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस अफसर का प्रार्थना पत्र मुरादाबाद ट्रांसफर कर दिया गया। सीओ सिविल लाइंस अनूप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।