मुरादाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत नवजात आईसीयू, भर्ती प्रक्रिया और रिकॉर्ड में खामियां मिलने पर स्टेट हेल्थ एजेंसी ने सख्ती की है। हेल्थ एजेंसी सांचीज ने शहर के फोटॉन अस्पताल और सलेक्ट अस्पताल को आयुष्मान की संबद्धता से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश स्तर की टीम के निरीक्षण के बाद की गई है। नवजात शिशुओं के इलाज में गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी के आरोपों में शहर के चार और निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी ने जिला स्तर पर हुए निरीक्षण के बाद चारों अस्पतालों को चेतावनी देकर सात दिन में जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक इन अस्पतालों में स्टेट हेल्थ एजेंसी के निरीक्षण के दौरान नवजात आईसीयू में ऐसे कर्मी कार्यरत मिले, जिनके पास निर्धारित योग्यता नहीं थी। नवजातों की देखरेख में ऑक्सीजन सपोर्ट, बेबी वार्मर और फीडिंग संबंधी व्यवस्थाओं में भी खामियां पाई गईं।
निरीक्षण टीम को नवजातों की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़े रिकॉर्ड और अभिभावकों की सहमति संबंधी दस्तावेजों में भी अनियमितताएं मिलीं। बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और उपचार संबंधी दस्तावेजों में कमी मिली। कई मामलों में चिकित्सकीय नोट्स दर्ज नहीं थे। अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज रिकॉर्ड के सत्यापन के दौरान भी खामियां सामने आईं। कुछ बच्चों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं पाया गया।
अस्पताल में आवश्यक आपातकालीन सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता पर सवाल उठे। नवजातों को भर्ती तो किया जा रहा था, लेकिन उपचार और निगरानी संबंधी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं थीं। अस्पतालों पर एनआईसीयू प्रबंधन की गाइडलाइन का पूर्ण पालन न करने का भी आरोप है। आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि उनके पास आधिकारिक पत्र नहीं है लेकिन अस्पतालों के स्तर से ही जानकारी मिली है कि फोटॉन व सलेक्ट अस्पताल की संबद्धता निलंबित की गई है।