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यूपी में सामने आई एक और फर्जी शिक्षिका, झूठे दस्तावेजों के सहारे छह साल तक की टीचर की नौकरी

Sat, 26 Dec 2020 03:43 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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महीनों तक सुर्खियां बटोरने वाली फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला के बाद अब मुरादाबाद में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। मुरादाबाद सिविल लाइंस थाने में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिक्षिका पर आरोप है कि उसने नौकरी पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

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जिला समन्वयक बालिका की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।कस्तूरबा गांधी विद्यालय डींगरपुर में स्थित है। इस विद्यालय में पिछले छह साल से पूनम पांडेय शिक्षिका के पद पर तैनात थी। बालिकाओं को वह कंप्यूटर का प्रशिक्षण देती थीं। 

जून में शासन से आदेश आया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों के अभिलेखों की जांच की जाए। जिला समन्वयक बालिका रजत भटनागर ने सिविल लाइंस थाने में दी तहरीर में बताया कि शासन के आदेश के तहत पूनम पांडेय के प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए श्रीधर यूनिवर्सिटी पिलानी, जिला झुन्झुनू (राजस्थान) भेजा गया। 
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श्रीधर यूनिवर्सिटी से भेजी गई जानकारी से पता चला कि दस्तावेजों में उल्लेखित सत्र में पूनम पांडेय नाम की कोई छात्रा नहीं पढ़ती थी। इसके अलावा शिक्षिका के बीएड के प्रमाण पत्रों को जांच के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा भेजा गया था। वहां से भी प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की जानकारी मिली थी। 

बीएसए योगेंद्र सिंह ने 15 दिन पहले शिक्षिका पूनम पांडेय की सेवा समाप्त कर दी थी। सिविल लाइंस थाना प्रभारी दर्वेश कुमार ने बताया कि एक महिला के खिलाफ फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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