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चार गांव के हैंडपंप का पानी जांच में दूषित मिला, पीने पर रोक लगाई गई

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मुरादाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे सरकारी हैंडपंप से मिल रहे पानी की गुणवत्ता जांचने को अब हर महीने 300 हैंडपंपों के पानी के नमूनों की जांच होगी। शासन ने जिले का लक्ष्य तय कर दिया है। जून माह में देर से मिले इन आदेशों पर काम शुरू हो गया है। 145 स्थानों पर लगे सरकारी हैंडपंप के नमूनों की जांच हो चुकी है। इनमें चार गांवों के चार हैंडपंपों का पानी गंदा मिला है। इसमें मिट्टी के कण पाए गए हैं। फिलहाल वहां के लोगों को इन हैंडपंप का पानी ना पीने की सलाह दी गई है।
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गांवों की पेयजल आपूर्ति अधिकाशंत: हैंडपंप पर निर्भर है। जिले में 28 हजार से अधिक हैंडपंप ग्रामीण क्षेत्र में लगे हैं। एक बार हैंडपंप लगाने के बाद उसके पानी की जांच होती है ,लेकिन उसके बाद वो हैंडपंप कैसा पानी दे रहा है उस पर ना तो ग्राम पंचायतें ज्यादा ध्यान देती और ना ही जल निगम। 2018 के बाद ग्रामीण क्षेत्र में हैंडपंप लगाने की जिम्मेदारी भी जल निगम से यूपी एग्रो के पास जा चुकी है।
अब शासन ने ग्रामीण पेयजल की गुणवत्ता को लेकर प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत यूपी जलनिगम को हर महीने जिले के 300 हैंडपंप के पानी की जांच का लक्ष्य दिया गया है। हर महीने ये लक्ष्य दिया जाएगा । साथ ही ये भी शासन स्तर से ही तय होगा कि किस गांव में किस हैंडपंप के पानी की जांच होनी है।
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जून मध्य से शासन ने इस संबंध में आदेेश जारी कर नमूने चेक करने के लिए हैंडपंप की सूची जारी की है। जिस पर काम चल रहा है। जलनिगम की लैब के इंचार्ज राजीव कुमार के अनुसार अब तक 145 स्थानों से हैंडपंप के पानी की आठ मानकों पर जांच की गई है। इनमें से चार गांवों के हैंडपंप के पानी बाकी मानकों पर ठीक हैं लेकिन इनमें टर्बिडिटी मिली है। यानि पानी में मिट्टी के कण मिले हैं। ऐसा बारिश आने की वजह से संभव है। बारिश के दौरान आसपास में गंदा पानी भरा हो या फिर जमीन के नीचे गए बारिश के पानी की वजह से ऐसा होता है। कुछ दिन बाद ये खुद ठीक हो जाता है। इसलिए फिलहाल इन हैंडपंप के आसपास के लोगों को सूचित कर इनका पानी पीने में प्रयोग ना करने की सलाह दी गई है। अगले महीने फिर से इनकी जांच होगी यदि इसमें पानी ठीक मिला तो इन हैंडपंप का पानी प्रयोग किया जा सकता है। हैरानी की बात है कि ग्रामीणों ने इन हैंडपंप के पानी की शिकायत नहीं की थी उन्हें पता ही नहीं चला कि वह दूषित पानी पी रहे हैं। जलनिगम की जांच में ही ये पुष्टि हुई।
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इन तत्वों की होती है जांच
टर्बिडिटी, टीडीएस, पीएच ,संपूर्ण कठोरता, क्लोराइड, फ्लोराइड, रंग, गंध
इन गांवों के हैंडपंप का पानी मिला दूषित
-गांव असालतनगर बधा में छिद्दा के घर के पास लगा सरकारी हैंडपंप
-ताजपुर माफी में सतपाल यादव के स्कूल के पास लगा सरकारी हैंडपंप
-महलकपुर निजामपुर गांव में उदल के मकान के पास लगा हैंडपंप
-काफियाबाद में राजेंद्र के मकान के निकट लगा हैंडपंप
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