डिलारी क्षेत्र के गांव तुमड़िया कलां निवासी फईम पर बुधवार सुबह करीब नौ बजे तेंदुए ने हमला कर दिया। इसके बाद तेंदुए ने पास ही खेत में काम कर रहे पिता-पुत्र को हमला कर घायल कर दिया। शोर सुन अन्य ग्रामीणों के आने पर तेंदुआ पास के गांव फोंदापुर में पहुंच गया और घर में बर्तन साफ कर रही महिला पर हमला कर दिया।
इसके बाद तेंदुआ महिला के घर में घुस गया, जिसे ग्रामीणों ने बाहर से बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे के बाद तेंदुए को पकड़ा और साथ ले गई। डिलारी थाना क्षेत्र के गांव तुमड़िया निवासी फईम बुधवार सुबह करीब नौ बजे अपने गन्ने के खेत में काम कर था।
इस बीच गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुए ने फईम पर हमला कर दिया। फईम किसी तरह तेंदुए से जान बचाकर भागा। इसके बाद तेंदुए ने पास के ही गांव फोंदापुर निवासी भूकन लाल पर हमला कर दिया। भूकन गांव के पास ही अपने खेत पर काम कर रहा था।
भूकन के शोर मचाने पर बचाने आए उसके बेटे नितिन को भी तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। पिता-पुत्र का शोर सुन गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर खेत की ओर दौड़े। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख तेंदुआ गांव की ओर भागा और करीब 10 बजे गांव फोंदापुर में ही गांव के बाहर बने एक घर में बर्तन साफ कर रही केला देवी पत्नी भगवान दास पर हमला कर दिया।
वहीं ग्रामीणों को पीछे आता देख तेंदुआ कैला देवी के घर में बने एक कमरे में घुस गया। इस बीच तेंदुए का पीछा कर रहे राजवीर सिंह व अन्य ग्रामीणों ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और वन विभाग को इसकी सूचना दी। साथ ही तेंदुए के हमले में घायल चारों लोगों का अस्पताल में उपचार कराया गया।
सूचना के बाद सुबह करीब 11 बजे वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने पहुंची। करीब चार घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ सकी। दोपहर करीब तीन बजे वन विभाग की टीम तेंदुए को पिंजरे में बंद कर जलालपुर खालसा नर्सरी पर ले गई।
इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। वन विभाग की टीम में डीएफओ सूरज, एसडीओ सतेंद्र चौधरी व रविकुमार गंगवार भी मौजूद रहे।