कांठ (मुरादाबाद)। थाना क्षेत्र स्थित एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाले बिहार निवासी मजदूर विपिन ऋषि देव और चेतू मांझी की दो-दो बेटियां अचानक गायब हो गई। परिजन और पुलिस उनकी तलाश में जुटे थे। वहीं बच्चियां करीब 36 घंटे बाद बिहार के भागलपुर स्थित अपने घर पहुंच गईं। हालांकि बच्चियों के गायब होने पर मानव तस्करी की भी आशंका बनी हुई थी। मजदूर विपिन ने बच्चियों के गायब होने पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी कराई थी। वहीं पुलिस का कहना है कि बच्चियां परिजनों की डांट से नाराज थी।
बिहार के भागलपुर जिले के मायागंज थाना क्षेत्र के गांव वरावरी निवासी विपिन ऋषि देव व गांव का ही चेतू मांझी परिवार और वरावरी के ही करीब 25 लोगों के साथ कांठ में चेतरामपुर रोड स्थित नगर के मोहल्ला चौकबाजार निवासी इकबाल के भट्ठे पर ईंट पथाई का काम करते हैं। यह लोग करीब दो साल से इसी भट्ठे पर मजदूरी कर रहे हैं। मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे विपिन ऋषि की बेटी फुद्दो (7) व शिवानी (6) और चेतू मांझी की बेटी लक्ष्मी (8) व पूजा (6) भट्ठे से कहकर निकलीं थी कि वह कांठ में मांगने जा रही हैं, लेकिन शाम तक चारों बच्चियां भट्ठे पर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को इनकी चिंता हुई। उन्होंने चारों की तलाश की, लेकिन रात तक कोई सुराग नहीं मिला तो विपिन ऋषि कांठ थाने पहुंचा और पुलिस को तहरीर देकर चारों बच्चियों को तलाशने की मांग की।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने बुधवार सुबह अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। वहीं करीब 36 घंटे बाद बुधवार शाम करीब सात बजे परिजनों के पास बिहार के भागलपुर से फोन आया और बच्चियों के भागलपुर स्थित घर पर पहुंचने की जानकारी दी। कहा कि चारों बच्चियां ट्रेन में बैठकर सकुशल गांव वरावरी स्थित घर आ गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बच्चियों को किसी बात पर परिजनों ने डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वे बिहार स्थित अपने गांव पहुंच गई हैं।
बच्चियों को तलाश रही थी एसओजी और पुलिस
भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों की चार बच्चियाें को तलाशने के लिए पुलिस के साथ ही एसओजी टीम को भी लगाया था। पुलिस मंगलवार रात और बुधवार को दिनभर नगर में रास्तों, सार्वजनिक स्थानों, धर्म स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालती रही। उधर, बच्चियों को तलाशने के लिए पुलिस व आसपास के लोगों ने सोशल मीडिया पर भी उनके फोटो डाले थे, ताकि बच्चियों का सुराग मिल सके। वहीं बुधवार शाम बच्चियों के मिलने पर पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली।
सवाल : कैसे भागलपुर पहुंच गई बच्चियां
कांठ थाना क्षेत्र से लापता हुई चारों बच्चियां भागलपुर से सकुशल बरामद होने से पुलिस और परिजन राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन सवाल ये है कि आठ, सात और छह-छह साल की चार बच्चियां आखिरकार कैसे बिहार के भागलपुर तक पहुंच गईं। कांठ से भागलपुर तक न तो कोई सीधी ट्रेन है और न ही बच्चे कभी अकेले गए थे। उनके पास न तो पैसे थे और न ही कोई परिजन था। ट्रेन में भी बच्चियों से किसी ने पूछताछ नहीं की।
- कांठ से लापता चारों बच्चियां बिहार स्थित अपने घर सकुशल पहुंच गई है। बच्चियों से वीडियो कॉल पर भी बात की गई। हालांकि वे कोई जानकारी नहीं दे पाई। बच्चियों के परिजनों ने बताया कि वे ठीक और घर आ गई है। - ऋषभ रूणवाल, एएसपी, कांठ