मुरादाबाद। सत्रह साल पुराने घर में घुसकर अनुसूचित जाति के परिवार पर हमला करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एससी एक्ट) सुरेंद्र कुमार की अदालत ने सोमवार को चार सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों को तीन-तीन साल की सजा और 24-24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
छजलैट के लदावली निवासी मेराजी ने छजलैट थाने में पांच अगस्त 2009 को छजलैट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके गांव में छड़ियों का मेला लगा था। जिसमें उसके बेटे रवि की थाना क्षेत्र के ही चकमघपुरी निवासी सत्यवीर सिंह से कहासुनी हो गई थी। उस वक्त को लोगों ने समझाकर दोनों को शांत करा दिया था लेकिन पांच अगस्त 2009 की रात आरोपी सत्यवीर सिंह अपने भाई रणवीर सिंह, राजेंद्र सिंह और राजीव उर्फ राजवीर ने घर में घुसकर परिवार के साथ मारपीट की थी और जाति सूचक शब्द कह कर उसे और उसके परिवार को अपमानित किया था। इस मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एससी एक्ट) सुरेंद्र कुमार की अदालत में चली। अदालत ने दोनों को सुनने के बाद चारों भाई सत्यवीर सिंह, रणवीर सिंह, राजेंद्र सिंह और राजीव उर्फ राजवीर को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा और 24-24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।