रामपुर की पूर्व सांसद और मशहूर अभिनेत्री जयाप्रदा ने अभद्र टिप्पणी मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश होकर अपने खिलाफ जारी वारंट निरस्त कराए। अदालत ने बीस हजार रुपये के निजी मुचलके पर वारंट निरस्त करने की मंजूरी दी। साथ ही, अदालत ने दूसरे पक्ष को 17 फरवरी को जिरह पूरी करने का निर्देश दिया।
विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि जयाप्रदा ने अदालत में हाजिर होकर अपने खिलाफ जारी वारंट को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए बीस हजार रुपये के निजी मुचलके पर वारंट निरस्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में आरोपी फिरोज और अजहर की ओर से जयाप्रदा से जिरह होनी बाकी है। वहीं, आजम खां, डॉ. एसटी हसन, मोहम्मद आरिफ और फिरोज खां की ओर से अदालत में सुनवाई स्थगित करने का आवेदन दिया गया।
अदालत ने इस आवेदन को खारिज करते हुए सभी आरोपियों को निर्देश दिया है कि 17 फरवरी को जिरह पूरी करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर जिरह पूरी नहीं की गई तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी। अदालत ने जयाप्रदा को भी 17 फरवरी को पेश होकर अपने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।