ठाकुरद्वारा। शिव नगर पत्थर खेड़ा में गोकशी के मामले में नामजद पूर्व जिला पंचायत सदस्य बुधवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली पहुंच गए। आयोग ने उनके शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसएसपी को नोटिस जारी कर उनकी शिकायत की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। उधर बुधवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी सीओ से मिले। फरार पूर्व जिला पंचायत सदस्य की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। गांव में 25 जुलाई को ग्रामीणों ने जंगल में कुछ लोगों को गोकशी करते पकड़ा था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था। जबकि नामजद चार लोग कोर्ट में समर्पण कर चुके हैं।
आठवें एक तो अभियुक्त अधिवक्ता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य जरीफ मलिक पुलिस की पकड़ से 50 दिन बाद भी बाहर हैं। जरीफ अहमद ने बुधवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली में याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने कहा कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता भी है उन्हें कुछ लोग राजनीतिक रंजिश में गोकशी के झूठे मुकदमे में फंसना चाहते हैं। उनका दावा है कि वह उस दिन अपने कॉलेज में थे। घटना की जगह नहीं गए थे। उनकी शिकायत पर आयोग की पीठ के प्रियांक कानूनगो ने संज्ञान लेते हुए एसएसपी मुरादाबाद को नोटिस जारी करने के लिए आदेश दिए हैं और चार सप्ताह के भीतर शिकायत की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। विहिप के मंत्री पंकज सिंह, शिव नगर मंदिर के महंत बच्चा बाबा भी बुधवार को सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी से मिले। उन्होंने कहा कि 50 दिन बाद भी पुलिस जरीफ अहमद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्हें अभी तक आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। इसलिए जरीफ अहमद को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इस पर सीओ ने उन्हें शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। सीओ ने बताया कि जरीफ अहमद की तलाश एसओजी और पुलिस की तीन टीम कर रही है उन्हें उम्मीद है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।