मुरादाबाद। हत्या, अपहरण, छेड़खानी और दुष्कर्म के मामले में रामपुर जेल में बंद पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ललित कौशिक के तीन शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन लाइसेंसों के निरस्तीकरण के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा आठ बैंक खाते भी पुलिस ने सीज करा दिए हैं।
सिविल लाइंस के दीन दयाल नगर निवासी ललित कौशिक को पुलिस ने 25 मार्च को सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया था। भाजपा नेता पर आरोप है कि उसने मूंढापांडे निवासी भट्ठा मजदूर का अपहरण कर उसे फैक्टरी में बंधक बनाकर पीटा है। इसके बाद पुलिस ने ललित के करीबी खुशवंत उर्फ भीम, विकास शर्मा और केशव सरन को गिरफ्तार कर कुशांक गुप्ता और सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस पूर्व ब्लाक प्रमुख और शूटर केशव की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट भी खोल चुकी है। पुलिस ने पूर्व ब्लाॅक प्रमुख और उनकी पत्नी के नाम से जारी पिस्टल और दो रायफल को थाने में जमा करा लिया था। तीनों लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई थी।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि बुधवार को पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने तीनों शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। अब निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके ललित कौशिक और उनकी पत्नी के नाम से अलग-अलग बैंक शाखाओं में खोले बैंक खातों को सीज कराया गया है। खातों में संदिग्ध लेन-देन की आशंका के चलते सीज की कार्रवाई की गई है।