अगवानपुर। नगर पंचायत अगवानपुर में इत्तेफाक से तीन वर्षों से नवरात्र और ईद की नमाज एक साथ आ रहे है। इस एक मार्ग पर चामुंडा देवी मंदिर और ईदगाह होने की वजह से दोनों समाज के लोग एक साथ और एक ही समय पर एक-दूसरे का सम्मान करते गुजरते हैं।
नगर पंचायत अगवानपुर में दोनों समाज के लोगों के मिल-जुल कर रहने की मिसाल वर्षों से चली आ रहीं है। पिछले तीन वर्ष से नवरात्र और ईद का त्योहार एक साथ पड़ते आ रहे है। इस दौरान दोनों समाज के लोग इस मौके पर एक साथ और एक समय पर दिखते है। इनके आदर और सम्मान की एकता ने लोगों को कायल कर दिया है। शनिवार को नवरात्र का तीसरा दिन था। जबकि माह ए रमजान के मुबारक महीने के बाद ईद उल फितर की नमाज की अदायगी थी। इस दौरान दोनों समाज के लोग एक साथ अपने धार्मिक स्थल पर पूजा और नमाज के लिए दौड़ते दिखाई दिए। सभी एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से अधिकारियों ने चिह्नित पॉइंट बनाए थे। जहां पुलिसकर्मी तैनात थे।
ईद उल-फित्र की नमाज शांत माहौल में हुई संपन्न
अगवानपुर। नगर में शनिवार को ईद उल-फित्र की नमाज अदा की गई। इस दौरान जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती फरीद रजा मिशवाही ने बयान करते हुए कहा कि यह माहे रमजान का मुकद्दस महीना बरकतों का महीना होता है। नमाज में हजारों की भीड़ मौजूद रही। नमाज के बाद देश और दुनिया में अमन-चैन व देश की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं की। शिया समुदाय की जामा मस्जिद में तकरीबन नौ बजे ईद उल-फित्र की नमाज अदा की गई। इस दौरान ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष बब्बू ठेकेदार, नपं अध्यक्ष गुलरेज खान, सरताज अली, रिजवान मिल्की, इमरान मिल्की, दानिश, फुरकान, वकील कुरैशी समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। संवाद