मुरादाबाद पुलिस लाइन में सोमवार शाम एक फालोवर ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। सभागार से सटी रसोई के अंदर स्टोर में गमछे के सहारे कुंडे पर उसका शव लटका मिला तो हड़कंप मच गया।
कर्मचारियों की सूचना पर आईजी समेत अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है।
जिसमें उसने लिखा कि रोज रोज की बीमारी से तंग आ चुका हूं। आज किस्सा ही खत्म कर दूंगा। फालोवर की पत्नी ने आरआई पर ड्यूटी को लेकर परेशान करने का आरोप लगाया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि हर पहलु की जांच की जा रही है।
उत्तराखंड के चमौली जनपद के घंसौली गांव निवासी चंदर सिंह विष्ट (48) पुलिस विभाग में फालोवर के पद पर तैनात थे। परिवार में पत्नी रूपा, एक बेटा अमित और एक बेटी अंजली है। बेटा-बेटी देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। चंदर सिंह पिछले सात साल से मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात थे।
चंदर सिंह हेड फालोवर थे और अन्य फालोवर की ड्यूटी लगाते थे। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित रसोई में चंदर सिंह विष्ट, अमरदीप, मोहन राणा और विजय की ड्यूटी थी। दोपहर करीब दो बजे सभी अपने-अपने आवास पर चले गए थे। शाम पांच बजे फिर से सभी को ड्यूटी पर पहुंचना था।
साढ़े चार बजे फालोवर विजय पुलिस लाइन सभागार के बराबर में रसोई में पहुंचा तो उसने देखा कि स्टोर के अंदर चंदर सिंह फंदे पर लटके हुए थे। विजय ने शोर मचाया और अफसरों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सिविल लाइंस से पुलिस पहुंच गई।
आईजी रमित शर्मा, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी अमित आनंद और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम भी मौके पर बुला ली गई। इसके बाद शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया।
पत्नी रूपा विष्ट ने आरोप लगाया कि आरआई इंद्रवीर सिंह उन्हें ड्यूटी को लेकर परेशान करते थे। सोमवार तीन बजे खाना खाने के बाद वह स्कूटी लेकर ड्यूटी पर चले गए थे। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि चंदर की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है।
जिसमें उन्होंने लिखा कि रोज-रोज की बीमारी से तंग आ चुका हूं। आज किस्सा ही खत्म कर दूंगा। ये लाइन लिखने के बाद चंदर ने हस्ताक्षर भी किए हैं। एसएसपी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। हर पहलु की जांच की जा रही है। पत्नी के आरोपों की जांच कराई जाएगी।
पिछले सात साल से चंदर सिंह एक ही जगह पर तैनात थे। उन्हें मेरी तरफ से कोई परेशानी नहीं थी। वह तो काफी समय से बीमार थे और उन्होंने अपना इलाज कराने के लिए भी 18 दिन का अवकाश लिया था। उनकी पत्नी का मुझ पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है-इंद्रवीर सिंह आरआई (प्रतिसार निरीक्षक)