फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: मृत पशुओं के अवशेषों से तैयार होगा मुर्गियों का चारा, इस शहर में लगेगा प्लांट

Sun, 27 Dec 2020 09:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : social media
विज्ञापन
मुरादाबाद शहर में पशुओं के शव के निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण कई बार उससे निकलने वाली दुर्गध राह चलते लोगों को विचलित करती है, वहीं प्रदूषण भी बढ़ता है। नगर निगम इससे निजात के लिए पशु अपशिष्ट निस्तारण संयंत्र लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं।
विज्ञापन


इसकी स्थापना के बाद जहां पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सफलता मिलेगी वहीं इस संयंत्र के माध्यम से मृत पशुओं के अवशेष से मुर्गियों के लिए चारा तैयार होगा। इससे नगर निगम को आय भी होगी। इस कार्य में करीब छह माह लगेंगे।

महानगर क्षेत्र में पिछले करीव पांच साल से ठप पड़े कूड़ा निस्तारण प्लांट को तो किसी तरह नगर निगम प्रशासन ने चालू करने के साथ ट्रायल के तौर पर उससे कूड़ा निस्तारण का कार्य भी शुरू कर दिया है, लेकिन पशुओं के शवों के निस्तारण की व्यवस्था अभी तक नगर निगम प्रशासन के पास नहीं है। 
विज्ञापन


यही वजह है कि शहर की किसी गली या सड़क पर आवारा पशु से लेकर पालतू पशु तक की मीत होने के बाद कई घंटे तक उसके पड़े रहने वाले शव से ठठने वाली दुर्गध राह चलते लोगों की परेशानी का सबब बनती है।
विज्ञापन

सूचना पर पहुंचे नगर निगम के कर्मचारी भी ऐसे पशुओं के शव को या तो शहर की आबादी से थोड़ी दूर पर किसी खाली प्लाट आदि में गड्ढा खोद कर उसे दबा देते हैं या फिर उसे भी कूड़े के साथ वाहन में लाद कर ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंक देते हैं। 

ऐसे में पशुओं के शव से उठने वाली दुर्गध से पर्यावरण प्रदूषण पर भी प्रभाव पड़ रहा था। जिसे लेकर चिंतित नगर निगम प्रशासन ने अब ऐसे अपशिष्टों के निस्तारण के लिए प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्लांट स्थापित किए जाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कोटेशन आमंत्रित किए हैं।

मृत पशुओं के शवों के निस्तारण की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है। इसका सीधा असर पर्यावरण प्रदूषण पर पड़ रहा है। पशुओं के अपशिष्टों के निस्तारण को जल्द ही एक प्लांट जामा मस्जिद क्षेत्र में लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास स्थापित किया जाएगा। 

इसके लिए कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं। टेंडर व निर्माण आदि की प्रक्रिया पूरी होने में करीब छह माह का समय लगेगा। प्लांट स्थापित हो जाने पर पशुओं के अपशिष्टों से यहां मुगियों का चारा तैयार किया जाएगा। इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी।
- विजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें