मुरादाबाद। पांच साल पहले पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद समेत सात जिलों में एटीएम उखाड़ने की घटनाओं को अंजाम देने वाले मेवात और नूंह के गिरोह की तलाश में पुलिस जुटी है। इस गिरोह के अधिकांश बदमाश जेल से बाहर हा चुके हैं।
सिविल लाइंस के लोकोशेड पुल के पास से पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम को उखाड़ने वाले गिरोह तक अब तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में पुलिस टीमें दबिश दे चुकी हैं। पांच साल पहले मेवात और नूंह के गिरोह ने पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद, बुलंदशहर, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा और मेरठ में एटीएम उखाड़ने की 15 घटनाएं की थी, तब कई जिलों में मेवात और नूंह के बदमाश पकड़े गए थे। अब इनमें अधिकांश बदमाश जेल से बाहर आ चुके हैं। मुरादाबाद पुलिस इन बदमाशों की तलाश में जुटी है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गंभीर नहीं है लोग
मुरादाबाद। भले ही पुलिस एटीएम उखाड़ने वाले गिरोह को तलाश कर रही है लेकिन सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति लोग कितने सतर्क है, इसकी एक तस्वीर शनिवार की रात करीब 11 बजे दिल्ली रोड पर चौधरी चरण सिंह चौक से कुछ ही दूरी पर कुंदन पेट्रोल पंप के पास दिखी, जहां इंडियन बैंक के एटीएम कक्ष और बैंक शाखा का सायरन करीब डेढ़ घंटे तक रुक रुक कर बजता रहा लेकिन किसी ने सायरन की आवाज सुनकर न तो कारण जानने की कोशिश की और न ही चंद कदम दूर मझोला पुलिस चौकी को सूचना दी।
जहां सायरन बज रहा था, उसी बैंक शाखा के सामने तीन जोमेटो सर्विस के कर्मचारी भी बैठे, यहां स्थित पान की दुकान पर भी लोग खड़े थे लेकिन किसी को सायरन से कोई मतलब नहीं था। ये अलग बात थी कि सायरन शायद तकनीकी खराबी से बज रहा था।