मुरादाबाद मंडल की पांच पैसेंजर ट्रेनें चार साल में रेलवे के टाइम टेबल से ही गायब हो गईं। अब आए दिन एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ बढ़ने पर रेलवे अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाकर महंगा किराया वसूल रहा है। कोरोना के बाद से बहाल नहीं हुई ट्रेनों में लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर, मुरादाबाद-संभल डीएमयू, बरेली-बांदीकुई पैसेंजर आदि शामिल हैं।
रेलवे ने ऋषिकेश से चंदौसी के बीच आधी दूरी के लिए पैसेंजर ट्रेन चालू रखी है। जबकि इसका दूसर रैक बरेली-बांदीकुईं रद्द रखा है। इस ट्रेन से सामान्य यात्रियों के अलावा मेहंदीपुर बालाजी जाने वाले श्रद्धालु भी सफर करते थे। अब तक कई बार लोगों की मांग उठ चुकी है कि इस ट्रेन को दोबारा चालू किया जाए लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इसी तरह लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर के न चलने से लखनऊ-शाहजहांपुर, शाहजहांपुर-बरेली, बरेली-मुरादाबाद, मुरादाबाद-सहारनपुर के बीच यात्रियों के पास सीमित विकल्प ही बचे हैं। रेलवे ने मुरादाबाद से दिल्ली के लिए चलने वाली पुशपुल पैसेंजर को भी टाइम टेबल से हटा दिया है।
मुरादाबाद से रोजाना सुबह चलने वाली इस ट्रेन से अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद जाने वाले नौकरी पेशा यात्री सफर करते रहे हैं। उनकी मांग है कि इसे दोबारा शुरू किया जाएगा। हावड़ा से पंजाब के बीच चलने वाली डुप्लिकेट मेल का संचालन भी बंद है।
हालांकि इस ट्रेन की जिम्मेदारी मुरादाबाद मंडल की नहीं है लेकिन इसे बहाल किया जाए तो मुरादाबाद से पूर्वांचल, उत्तराखंड व पंजाब जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बेहतर विकल्प हो सकती है।
कोरोना के बाद नहीं चलीं ये ट्रेनें
- मुरादाबाद-चंदौसी पैसेंजर
- मुरादाबाद-संभल डीएमयू
- मुरादाबाद-दिल्ली पैसेंजर
- बरेली-बांदीकुई पैसेंजर
- लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर
- हावड़ा-अमृतसर डुप्लीकेट मेल
कोरोना के समय रद्द की गई ट्रेनों के दोबारा संचालन के प्रस्ताव के विषय में परिचालन विभाग से जानकारी ली जाएगी। समय समय पर वाणिज्य विभाग भी प्रस्ताव भेजता है लेकिन इन ट्रेनों के विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम