मुरादाबाद। ताड़ीखाना मार्ग पर पुलिया के खुले नाले में गिर कर हुई युवक की मौत के मामले में नगर आयुक्त के आदेश पर शहर में खुले मैनहोल खोजने को जुटी पांच अभियंताओं की टीम को शहर में कुल 36 मैनहोल, अनकवर्ड नाले खोज सके। खास बात यह है कि नगर आयुक्त को भेजी रिपोर्ट में इनमें से अधिकांश मैनहोल को बंद कर देने का दावा भी किया गया है। अवर अभियंता मनीष कुमार को उनके क्षेत्र में आरएन स्कूल, आएडी स्कूल तथा साहू प्रसाद स्कूल के पास मैनहोल खुला मिला। जिसे उन्होंने बंद करा दिया।
अवर अभियंता बिजेंद्र सिंह के क्षेत्र में 13 स्थानों पर नाले खुले मिले। जिनमें से उन्होंने आठ स्थानों पर खुले मैनहोल बंद करा देने की रिपोर्ट भेजी है। अवर अभियंता शिव प्रकाश को तीन स्थानों पर, जेई राखी वर्मा को आठ स्थानों पर मैनहोल खुले मिले। जिन्हें इन अधिकारियों ने मौके पर ही बंद करा दिया। अवर अभियंता किशनलाल को अपने क्षेत्र में नौ स्थानों पर होल खुले मिले। इनमें से चार स्थानों पर मैनहोल बंद कर दिए गए।
घटना घटी तब तैयार किया जा रहा इस्टीमेट
मुरादाबाद। शहर के कई स्थानों पर अभी भी नाले अनकवर्ड नाले हैं। नगर निगम ने इनमें से अधिकांश स्थानों पर उसे ढकने के लिए इस्टीमेट ही नहीं बनाया था। घटना के बाद नगर आयुक्त के निर्देश अवर अभियंताओं ने जब शहर का जायजा लिया तब ऐसे कुछ स्थान चिह्नित किए गए। इसके लिए इस्टीमेट तैयार कर दिया गया है। एक स्थान पर पुलिया का निर्माण भी शुरू करा दिया गया है।
प्रभात मार्केट से गुलाबबाड़ी फाटक तक नाले के मैनहोल खुले हैं। सूरजनगर पीतल नगरी से कमला विहार, कल्याणपुर व पीतलनगरी और वार्ड-35 में पुलिया टूटी हुई है। संभल पुल के नीचे कब्रिस्तान के पास नाला टूटा है। इसी तरह लाजपतनगर में सैनी वाली मंदिर के पास तथा आवास विकास में टूटी पुलिया भी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है। क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत तथा अनकवर्ड नालों को कवर्ड करने के लिए घटना के बाद इस्टीमेट तैयार किया गया है।
शहर के सभी अनकवर्ड नालों को ढकने का इस्टीमेट तैयार नहीं किया जाता है। जिसके पास से लोगों की आवाजाही अधिक होती है उसे कवर्ड किया जाता है। कुछ कवर्ड नालों के पत्थर अथवा पुलिया आदि क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। उन्हें चिह्नित कर मरम्मत कराई जाती और खुले नालों को ढका जाता है। इन सभी का इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत और अनकवर्ड नालों को कवर्ड कर दिया जाएगा।
बिजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता (निर्माण)