मुरादाबाद। जनपद में शनिवार को ब्लैक फंगस के पांच नए मामले सामने आए। शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग को चार मरीज होने की सूचना विभिन्न चिकित्सालयों से मिली थी। दो दिन में ब्लैक फंगस के नौ मरीज सामने आए हैं। इन मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। हालांकि चिकित्सकों को दवाईयों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि दवाइयां नहीं मिलने की वजह से उपचार में समस्या आती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि अगले सप्ताह तक दवाइयों की आपूर्ति होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को ब्लैक फंगस के मामलों की पुष्टि होने के बाद जानकारी विभाग के साथ साझा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि ब्लैक फंगस के तीन मरीजों का एक अस्पताल में उपचार हो रहा है, जबकि दो मरीज अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. भगतराम राणा ने बताया कि ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। पुष्टि के लिए उन्हें दिल्ली या मेरठ रेफर करना पड़ रहा है। ब्लैक फंगस की दवाइयों की कमी होने की वजह से उपचार में बहुत समस्याएं आ रही हैं। मुरादाबाद में दवाइयां नहीं होने के कारण मेरठ और बरेली से दवाइयां मंगवानी पड़ती हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग का कहना है कि शासन से दवाइयों की मात्रा की आपूर्ति बढ़ रही है। अगले सप्ताह तक राहत मिलने की उम्मीद है। सभी चिकित्सकों को संदिग्ध मरीजों का भी अच्छे से उपचार करना है। यदि उपचार के लिए दवाई की आवश्यकता पड़ती है तो चिकित्सक कमिश्नर एडी बरेली के माध्यम से आपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।