मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस ने हनी ट्रैप के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लोगों को फंसाकर हड़पे गए 20,500 रुपये और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पहले लोगों से दोेस्ती करता है और फिर उन्हें फंसाने की धमकी
थाना सिविल लाइंस में रामगंगा विहार क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पति को सुनियोजित तरीके से हनी ट्रैप में फंसाकर रुपये वसूले गए और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। तहरीर के अनुसार नवंबर 2025 में एक प्रॉपर्टी मीटिंग के दौरान शिकायतकर्ता महिला के पति की मुलाकात शीबा उर्फ सानिया निवासी चक्कर की मिलक से हुई थी। शीबा ने सस्ते दाम पर प्रॉपर्टी दिलाने का झांसा दिया और 20 हजार रुपये भी ले लिए। आरोप है कि 24 फरवरी 2026 को शीबा ने प्रॉपर्टी दिखाने के लिए उन्हें जिगर कॉलोनी चक्कर की मिलक बुलाया। वहां पहले से मौजूद निशा, मुस्कान, अमन, जावेद और वसीम ने मिलकर प्रॉपर्टी डीलर के साथ मारपीट की। आरोपियों ने जबरन कमरे में ले जाकर उनके साथ अश्लील हरकत की और अश्लील वीडियो व फोटो बना लिए। इसके बाद तीन लाख रुपये की मांग की गई और रकम न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। डर के कारण पीड़ित से ऑनलाइन 9500 रुपये और 400 रुपये ट्रांसफर कराए गए। बाद में रिश्तेदारों से रुपये मंगवाने का दबाव बनाया गया। एसएसपी के निर्देशों पर मामले की जांच शुरू हुई। रविवार को पुलिस ने सोनकपुर पुल के नीचे चौकी फकीरपुरा क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शीबा उर्फ सानिया, निशा उर्फ ईशा, मुस्कान, जावेद, वसीम और अमन शामिल हैं।
व्हाट्सएप कॉल पर लोगों को फंसाती थीं शीबा और निशा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। महिला सदस्य व्हाट्सएप और फोन कॉल के जरिए सीधे-साधे लोगों से दोस्ती करती थीं। बातचीत के बाद उन्हें मिलने के लिए बुलाया जाता था। फिर किसी होटल या किराये के फ्लैट में ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना ली जाती थीं। इसके बाद वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी। इसी तरीके से रामगंगा विहार के प्रॉपर्टी डीलर को फंसाया गया। उससे तीन लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोपियों ने उससे 50 हजार रुपये नकद और 9900 रुपये यूपीआई के माध्यम से वसूल लिए थे। वसूली की रकम को आपस में बांट लिया गया था। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली भागने की फिराक में हैं, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।