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डीआरडीए के दो निदेशकों पर पर एफआईआर के निर्देश

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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सांसद निधि के विकास कार्यों में ढिलाई बरतने पर कमिश्नर यशवंत राव ने बिजनौर और अमरोहा डीआरडीए के परियोजना निदेशकों के खिलाफ जांच कराकर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संयुक्त विकास आयुक्त को दिए हैं। बिजनौर डीआरडीए के पीडी द्वारा डूडा को सांसद निधि के करोड़ों रुपये का काम दे दिया गया, जबकि डूडा के पास एक जेई तक नहीं है।

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कमिश्नर ने इन सभी कार्यों के विशेष ऑडिट के आदेश दिए हैं। सांसद निधि के कार्यों की स्वीकृति में 75 दिन से अधिक का समय लगने पर कमिश्नर ने परियोजना निदेशकों को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। अमरोहा के डीएम और सीडीओ का भी जवाब तलब किया गया है।

कमिश्नर यशवंत राव ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत किए गए अथवा किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सांसद निधि की स्वीकृति एवं उपभोग के आंकड़ों पर कड़ा असंतोष जताते हुए बिजनौर और अमरोहा डीआरडीए के परियोजना निदेशकों का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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मिश्नर ने संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि दोनों परियोजना निदेशकों के खिलाफ जांच करें और जांच में अनियमितता उजागर होने पर दोनों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं। संयुक्त विकास आयुक्त ने बैठक में जानकारी दी कि मुरादाबाद को छोड़कर वर्ष 2018-19 की प्रथम किश्त मंडल के किसी भी जिले में प्राप्त नहीं हुई है।

कमिश्नर ने इसके लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने अमरोहा में ईईएसएल कंपनी द्वारा लगाई जा रही सोलर लाइटों की जांच करने के निर्देश दिए। नोएडा की इस कंपनी को 1335 स्थानों पर सोलर लाइट के अधिष्ठापन को केंद्र सरकार से रकम मिली है।

आयुक्त ने कहा कि विशेष टीम भेजकर इसका ऑडिट कराएं और अनियमितता उजागर होने पर अमरोहा के परियोजना निदेशक मिथलेश कुमार तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं।

अमरोहा में ब्लैक लिस्टेड कंपनी लघु उद्योग निगम को 200 हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य दिए जाने पर कमिश्नर ने पीडी को कड़ी चेतावनी दी है। इसकी जांच जेडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इस मामले में अमरोहा के डीएम और सीडीओ से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बिजनौर में परियोजना निदेशक ने डूडा को करोड़ों रुपये के काम दे दिए जबकि डूृडा के पास अपना जेई तक नहीं है।

इस मामले में भी कमिश्नर ने जांच कराने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त कमलेश कुमार वैश्य, डीडी अर्थ संख्या आरके त्रिवेदी और मंडल के पांचों जिलों के परियोजना निदेशक मौजूद थे।

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