जांच के लिए पहुंची टीम को फूड स्टॉल से लिया गया एक नमूने में बासी खाद्य पदार्थ होने का शक हुआ। स्टॉल संचालक को कड़ी फटकार लगाई गई और अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने लिए गए। रेलवे अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इन्द्रजीत कौर एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजवीर सिंह के निर्देशन में यह अभियान चला। औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी ऑन व्हील योजना के अंतर्गत मोबाइल वैन जांच वाहन द्वारा इन खाद्य नमूनों की उसी समय सबंधित खाद्य विक्रेता के सामने गुणवत्ता के त्वरित जांच की गई। कच्चे व पके हुए खाद्य पदार्थ को अलग अलग रखना, खाद्य पदार्थ को सही तापमान पर रखना, अनावश्यक रूप से रंग का प्रयोग न करना, समय पर पके हुए खाद्य पदार्थ खराब होने से पहले नष्ट करना व स्टाल व ट्राली से हटा देना, स्टेशन पर स्वीकृत खाद्य पदार्थ की ही बिक्री करना आदि वेंडर व संचालकों को बताया गया।
अभियान के अंतर्गत खाद्य विक्रेताओ को खाद्य पदार्थ में अनावश्यक रंग का प्रयोग न करने व समोसा आदि खाद्य पदार्थ को तलने के लिए तेल का केवल तीन बार प्रयोग करने की जानकारी दी गई। इस अभियान में राज्य सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागेश मणि त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमपाल सिंह, धीरज कुमार, सहरिस शदात और धर्मपाल सिंह उपस्थित रहे। इस अभियान में स्टेशन व पेंट्री कार से कुल 56 नमूने लिए गए, जिसमे से 51 नमूने सही पाए गए व चार नमूने में रंग व एक नमूना बासी प्रतीत हुआ।