संभल में दो महीने लगा था कर्फ्यू
संभल में वर्ष 1978 का दंगा 29 मार्च को हुआ था। इस दंगे में शहर जल उठा था। हालात को संभालने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था। फिर भी शहर में दोनों समुदायों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। ऐसी स्थिति में कर्फ्यू का अंतराल बढ़ता गया। संभल में दो महीने तक तक कर्फ्यू लगा रहा।
दुकान बंद कराने के दौरान बवाल ने ले लिया था दंगे का रूप
वर्ष 1976 में संभल में मस्जिद के इमाम की हत्या के बाद बवाल हो गया था। उस वक्त प्रशासन ने हालात काबू कर लिया था। लेकिन शहर में तनाव बरकरार था। राजनीतिक महत्वकांक्षी को लेकर मुस्लिम लीग के एक नेता ने बाजार में दुकानों को बंद करना शुरू किया था। दूसरे समुदाय के व्यापारियों ने इसका विरोध किया। मारपीट के हालात बनने पर नेता के साथी उन्हें छोड़कर माैके से भाग निकले। इन्हीं साथियों ने नेता के मारे जाने की अफवाह फैला दी। इसके बाद दंगा भड़क गया। दुकानों में लूटपाट, पथराव, आगजनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा शहर जल उठा था।
दंगे में दर्ज हुई थीं 169 एफआईआर
जानकार बताते हैं दंगे में कई लोग मारे गए थे। इस दंगे में करीब 169 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें तीन एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई थीं।