मुरादाबाद। नगर निगम की कान्हा गोशाला के लिए त्योहार आर्थिक समृद्धि का जरिया बन रहे हैं। दिवाली पर दीये और होली पर गोकाष्ठ बेचने के बाद अब नवरात्र पर गोशाला की ओर से हवन सामग्री किट बेची जा रही है। गोबर और शहर के मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से तैयार की गईं हवन सामग्री किटें बेचकर गोशाला ने चार दिन में 20 हजार रुपये कमाए हैं। नवरात्र के अंत तक बिक्री लाखों में पहुंचने का अनुमान है।
मैनाठेर में स्थित नगर निगम की कान्हा गोशाला में 750 गोवंशीय पशु संरक्षित हैं। यहां वर्ष 2023 में दीपावली के पर्व पर पहली बार हवन सामग्री बनाने की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में दीपक निर्माण का कार्य किया गया था, जिसे अब व्यापक स्तर पर उत्पादित किया जा रहा है। इसके अलावा गोशाला में गौ चेतना केंद्र की भी स्थापना की गई है, जहां गोशाला में गो-उत्पाद (गोबर से बनाए गए उत्पाद) की बिक्री की जाती है।
गोशाला के कर्मचारियों की ओर से तैयार की गई यह दिव्य हवन सामग्री किट 500 ग्राम की है। इसमें 15 दीपक और एक मिट्टी का कुंदेदार दीपक भी शामिल है। इस हवन सामग्री में गोबर से निर्मित दीपक के साथ विशेष हवन सामग्री भी दी जाती है। दीपक को नीचे की बाती से प्रज्ज्वलित कर सुगंधित हवन किया जा सकता है।
कान्हा गोशाला ने चालू वित्तीय वर्ष में छह लाख रुपये की आय अर्जित की है। गोशाला को यह आय होली और दीपावली के अवसर पर उत्पादों की बिक्री, गोबर की बिक्री, आवारा पशुओं पर लगने वाले जुर्माने और दान के रूप में प्राप्त हुई है।
251 रुपये में मिल रही किट
कान्हा गोशाला में तैयार की गई हवन किट लोगों को खूब पसंद आ रही है। 251 रुपये में बिकने वाली इस किट को बेचकर नगर निगम को बड़ी कमाई की उम्मीद है। पंचायत भवन में लगी प्रदर्शनी में भी किटें खूब बिकीं। यह हवन सामग्री गोशाला में भी बेची जा रही है।
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कान्हा गोशाला में गो सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण औऱ स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नवरात्र की हवन सामग्री किट लोगों को पसंद आ रही है। इस गोशाला को प्रदेश सरकार से पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। भविष्य में और भी उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे जाएंगे। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त