फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: खाक हुई खाद...समिति में रखे रखे स्टॉक बर्बाद

Tue, 06 Jan 2026 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
विज्ञापन
लोदीपुर जवाहर नगर सोसायटी के स्टोर में रखे यूरिया खाद की खराब बोरी - फोटो : वीडियो
विज्ञापन
अगवानपुर (मुरादाबाद)। कुछ दिन पहले तक किसान सहकारी समितियों पर खाद की एक-एक बोरी के लिए परेशान थे। सर्दी की मार के बीच लंबी कतारों में लगने के बाद भी खाद के ख्वाहिशमंद किसान खाली हाथ थे तो दूसरी तरफ अगवानपुर सहकारी समिति पर 37 बोरे खाद हीलाहवाली के ताले में बंद रहकर बर्बाद हो गई।
विज्ञापन

लगभग पांच साल में खाद के इस स्टॉक को न जरूरतमंदों को दिया गया और न ही इसकी बर्बादी के लिए किसी की जिम्मेदारी तय की गई। अब इसे निष्प्रयोज्य
बताकर खामोशी से इसके निपटारे की तैयारी की जा रही है। खाद के यह बोरे लोदीपुर जवाहर नगर समिति के स्टोर में कैद हैं। इस समिति से नजदीक के 13 गांवों के छह हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं। गुजरे पांच सालों में इन किसानों ने मांग के समय खाद न मिलने की समस्या खूब झेली। इस वर्ष भी कुछ समय पहले तक किसान खाद की एक-एक बोरी के लिए जूझ रहे थे। कुछ किसान खाद लेने में कामयाब भी हुए तो शर्तों के बंधन ने उनके अच्छी खाद से भरपूर फसल के सपने पर ग्रहण लगा दिया।

किसान मैकू लाल बताते हैं कि छह बीघा पर यूरिया की एक बोरी जैसे-तैसे दी गई। इससे ज्यादा लेने के लिए सल्फर, नैनो (लिक्विड) खाद की बोतल की खरीद
जरूरी है, जबकि स्प्रे पर आधारित नैनो का इस्तेमाल किसान के लिए आसान नहीं है। मजबूरी में या तो इसे खरीदो या एक बोरी यूरिया से ही काम चलाओ।
सोमवार को इस समिति पर मौजूद किसान अपनी-अपनी समस्याएं बता रहे थे। इस दौरान समिति के स्टोर में खाद के सही 37 बोरों को ऐसा ढेर रखा था, जिनपर जमा धूल की मोटी परत से लग रहा था कि यह खाद के नहीं बल्कि सीमेंट के बोरे हैं। खाक में तब्दील होते इन बोरों के बारे में पूछने पर समिति के सचिव ने जो बताया, वो कम चौंकाने वाला नहींं था।
विज्ञापन

सचिव इकरामुद्दीन ने बताया कि खाद का यह स्टॉक करीब पांच साल पुराना है, जबकि मैं यहां साल 2024 से तैनात हूं। मुझे बताया गया था कि इस खाद की
किसानों से शिकायत आने पर कृषि विभाग ने छापा मारकर इसे सील कर दिया था। तब यह स्टॉक सौ बोरों का था। यह कार्रवाई वर्ष 2020 में हुई थी, हालांकि कुछ समय बाद इस खाद को सीजर की कार्रवाई से मुक्त कर दिया गया था लेकिन तब के स्टाफ ने इसे किसानों के बीच वितरित नहीं किया। थोड़े बहुत प्रयास हुए तो कुछ बोरे बिक गए लेकिन यह 37 बोरे यूं ही पड़े रहे। अब इस सप्लाई को कंपनी को वापस भेजने की कोशिश की जा रही है।


अब निष्प्रयोज्य है यह खादः एआर

एआर सहकारिता अमरेंद्र कुमार ने बताया कि खाद की यह बोरियां अब निष्प्रयोज्य हैं, इसीलिए स्टोर में एक तरफ रखी हैं। इनके निपटारे की अलग प्रक्रिया है। उस तरीके को अपनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस स्टॉक का सदुपयोग न होने के कारण कौन जिम्मेदार है, इसका सवाल एआर कोआपरेटिव नहीं दे सके।
विज्ञापन



कृषि संबंधी दवाइयां भी स्टोर में रखे-रखे खराब

लोदीपुर जवाहर नगर सोसायटी के स्टोर में कुछ दवाइयां भी रखी हैं। कृषि में इस्तेमाल होने वाली इन दवाओं पर 2021 की एक्सपायरी डेट थी। सोसायटी के
कर्मी ने बताया कि ये दवाइयां एक प्राइवेट कंपनी ने रखवाई थीं। किसानों ने खरीदी नहीं। इसलिए इनकी डेट निकल गई हालांकि एआर सहकारिता ने कहा कि
सोसायटी के स्टोर में प्राइवेट कंपनी की दवाई रखने का नियम नहीं है। किसने कैसे रखवाईं, जांच कराएंगे।




किसान बोले-खाद कम, निराशा ज्यादा हाथ लगती है
एक से अधिक यूरिया की बोरी लेने पर नैनो यूरिया की बोतल, कृषि संबंधी दवाएं लेनी पड़ती हैं। इन दोनों का किसान को कोई फायदा नहीं है। सिर्फ एक बोरी
लेकर जाने से किसान का भला नहीं होता। एक बोरी के लिए भी खूब चक्कर लगाने

पड़ते हैं। - शाजिद विशनपुर भीमठेर


-

सोसायटी से गांव काफी दूर है। खाद के साथ तरह-तरह की शर्त परेशान करती हैं। प्राइवेट दुकान से खाद खरीदना मजबूरी हो जाती है। समिति से यूरिया की एक
बोरी से ज्यादा नैनो की बोतल और दवाए खरीदने को मजबूर करते हैं। - रोहित, महलकपुर निजामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें