एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि 20 अक्तूबर को अमरोहा के अहमदनगर निवासी वसीम ने मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के गांव निवासी दो सगे भाइयों के खिलाफ गोली मारकर हत्या की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना संदिग्ध लगने पर इस मामले की जांच डिडौली थाने की पुलिस कराई। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह के नेतृत्व में हुई जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया।
एसपी के मुताबिक, जिन दो भाइयों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस परिवार की 15 वर्षीय किशोरी के साथ गांव के रहने वाले अनुज, अरुण और अमन ने 9 मई 2025 को दुष्कर्म किया था। इस मामले में तीनों आरोपी जेल में बंद हैं। आरोपी अनुज के भाई रवि ने डिडौली कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले अपने मौसा अशोक के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को फंसाने की साजिश रची जिससे दुष्कर्म के मुकदमे में समझौता हो सके। जांच में सामने आया कि मौसा अशोक कुमार ने एक आरोपी अनुज के भाई रवि से दुष्कर्म पीड़िता के पिता और चाचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बदले तीन लाख रुपये लिए।
इसके बाद उसने क्षेत्र के ही गांव गंगदासपुर के रहने वाले अपने दोस्त हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम से गोली मारने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा। हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम ने अपने हिस्ट्रीशीटर दोस्त मुशीर के बारे में बताया और अशोक की मुलाकात कराई। पूरा प्लान समझने के बाद हिस्ट्रीशीटर मुशीर ने 20 हजार रुपये में गोली मारने की घटना का सौदा कर लिया। बाद में अशोक ने वसीम को खुद पर गोली चलवाकर दुष्कर्म पीड़िता के पिता और चाचा के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज करने के लिए तैयार कर लिया। इसके एवज में वसीम को 80 हजार रुपये देने तय किए थे।
बाद में सभी आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत वसीम के ऊपर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर करने के बाद मुकदमा दर्ज करा दिया। वसीम को अशोक कुमार की तरफ से सिर्फ पांच हजार रुपये दिए गए थे। रविवार को पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले वसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हकीकत बयां कर दी।
इसके बाद पुलिस ने वसीम और हिस्ट्रीशीटर मुशीर को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि विवेचना में दुष्कर्म के आरोपी अनुज के भाई रवि, उसके मौसा अशोक, हिस्ट्रीशीटर मुशीर और दूसरे हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम का नाम शामिल कर लिया गया है। अन्य आरोपियों जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर से पुलिस को मिले कई क्लू
एसपी के मुताबिक सभी आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर में कई अहम क्लू मिले हैं। हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम के बताने पर अशोक हिस्ट्रीशीटर मुशीर के संपर्क में आया था। इसके बाद दोनों की फोन पर बातचीत भी हुई। इतना ही नहीं अशोक झूठे मुकदमा के वादी वसीम को अपने साथ मुरादाबाद लेकर गया था और यहां दुष्कर्म पीड़िता के पिता और चाचा की पहचान कराई थी, जिससे वसीम झूठा मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस को दोनों का हुलिया बता सके।
8 साल पहले जेल में हुई थी हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम और मुशीर की मुलाकात
पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम और मुशीर की मुलाकात जेल में हुई थी। इसके बाद दोनों अच्छे दोस्त बन गए। षड्यंत्र रचने वाले अशोक कुमार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है और हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम का दोस्त है। गोली मारकर घायल करने वाले तजुर्बेदार व्यक्ति के बारे में पूछने पर ही हिस्ट्रीशीटर कमरे आलम ने मुशीर के बारे में बताया था। इसके बाद अशोक व मुशीर एक-दूसरे के संपर्क में आए और घटना का अंजाम दिया।
हत्या की कोशिश और षड्यंत्र के आरोप में लगेगी चार्जशीट
अमरोहा एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सभी आरोपियों ने षड्यंत्र कर दुष्कर्म पीड़िता की परिजनों को हत्या की कोशिश के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। अब यह आरोपी भी इस अपराध का हिस्सा हैं, सभी के खिलाफ हत्या की कोशिश के साथ षडयंत्र रचने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर मुशीर पर दर्ज हैं 16 मुकदमे
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया की हिस्ट्रीशीटर मुशीर पर अमरोहा देहात, डिडौली और अमरोहा नगर कोतवाली में हत्या, जानलेवा हमला, षड्यंत्र, अपहरण, लूट, एनडीपीएस एक्ट समेत 16 मुकदमें दर्ज पाए गए हैं। मुशीर कुख्यात अपराधियों में से एक है।