जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के करीब 18 साल पुराने मामले में बुधवार को अदालत ने दोषी पिता-पुत्र को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
संभल के भटोर निवासी डल्लू ने बनियाठेर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उसके खेत के पास ही छोटे सिंह निवासी नरौली का खेत है। आरोपी खेत की मेड़ को लेकर रंजिश रखता था। पांच नवंबर 2006 की दोपहर जब वह अपने बेटे पिंकू के साथ खेत में सिंचाई करने पहुंचा तो रास्ते में योगेश के खेत के पास छोटे सिंह और उसका बेटा जितेंद्र प्रताप उर्फ जीतू मिल गया। आरोपियों के पास तमंचा और बंदूक थी।
आरोपियों ने देखते पिता-पुत्र के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर आरोपी छोटे सिंह ने फायर किया। इसके बाद जितेंद्र ने बंदूक की बट से डल्लू और उसके बेटे के साथ मारपीट की। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट संदीप गुप्ता की अदालत में हुई।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी पिता-पुत्र को जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट में दोषी मानते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।