मुरादाबाद। जिले के गेहूं क्रय केंद्रों पर बिना भूमि सत्यापन के किसान 100 क्विंटल तक गेहूं बेच सकेंगे। इसके अलावा बटाईदार भी किसान से लिए गए सहमति पत्र के आधार पर अपने द्वारा उत्पादित गेहूं को सीधे क्रय केंद्रों पर बेच सकेगा। शासन के निर्देश पर जिले में गेहूं खरीद नीति लागू कर दी गई है।जिला एवं विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए शासन के निर्देश के क्रम में गेहूं क्रय नीति लागू कर दी गई है। किसानों का गेहूं खरीदे जाने के लिए जिले में 73 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। 15 जून तक इन केंद्रोें पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जाएगा। सभी केंद्र रविवार व छुट्टियों में भी प्रतिदिन सुबह आठ बजे से सायं आठ बजे तक खुले रहेंगे।उन्होंने बताया कि 100 क्विंटल तक गेहूं बिक्री करने पहुंचे किसान को पंजीकरण और भूमि सत्यापन से छूट रहेगी। किसानों को fes-up-gov-in पोर्टल या UP Kisan Mitr एप से पंजीकरण, नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। बटाईदार किसान अथवा लीज पर खेती करने वाले किसान भी सहमति पत्र व भूलेख के आधार पर पंजीकरण कर गेहूं बेच सकते हैं।
किसानों को गेहूं बेचने पर भुगतान सीधा उनके बैंक खाते में पीएफएमएस के माध्यम से किया जाएगा। बटाईदार से क्रय गेहूं का भुगतान भी सीधे उनके खाते में पीएफएमएस से किया जाएगा। छोटे व सीमांत किसानों, महिलाओं, वृद्ध एवं दिव्यांग किसानों को खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर टोकन सिस्टम लागू रहेगा। भीड़ अधिक होने पर ऑफलाइन टोकन वितरित किए जाएंगे। गेहूं की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंडी में दोपहर में दो बार खुली बोलियों की भी व्यवस्था रहेगी। केंद्रों और मोबाइल क्रय केंद्रों से गेहूं का परिवहन जीपीएस युक्त वाहनों से किया जाएगा।