ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव बथुआ खेड़ा में सोमवार को किसानों ने भारी पुलिस की मौजूदगी में सेंचुरी पेपर मिल की खाली पड़ी अधिगृहीत की गई भूमि को ट्रैक्टरों से जोतने का प्रयास किया। इससे पुलिस और किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। पंचायत के मंच से यूनियन के नेताओं के समझाने पर ट्रैक्टरों को रोक दिया गया।
पंचायत के बाद डीएम को संबोधित चार मांगों का ज्ञापन एसडीएम प्रीति सिंह व एएसपी अमरिंदर सिंह को दिया गया। सोमवार को सुबह दस बजे से बथुआ खेड़ा में सेंचुरी की भूमि पर भाकियू चढूंनी के नेतृत्व में मांगों को लेकर पंचायत शुरू हुई।
पंचायत के बीच में किसान गुड्डू चौधरी ने प्रस्ताव रखा कि वह अपनी भूमि की जुताई कर वहां फसल बोना चाहते हैं। प्रस्ताव को पंचायत में मंजूरी दे दी। इसका पता चलने पर मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस में हड़कंप मच गया। किसान ट्रैक्टर लेकर भूमि पर पहुंच गए।
उन्होंने जैसे ही भूमि की जुताई शुरू की तभी एएसपी अमरिंदर सिंह पीएसी और पुलिस को लेकर वहां पर आ गए। किसान ट्रैक्टर से भूमि की जुताई करने पर अड़े हुए थे। टकराव रोकने के लिए मंच पर मौजूद यूनियन के नेताओं ने किसानों को समझाया। उनसे जुताई न करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि हमारा पुलिस प्रशासन से कोई भी विवाद नहीं है। सेंचुरी मिल से संबंधित हमारी मांगें हैं। इसलिए सेंचुरी से ही विवाद है तो किसानों ने अपने ट्रैक्टर वापस ले गए। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब पांच घंटे तक पंचायत चली।
पंचायत के बाद यूनियन की ओर से अपना मांगपत्र शाम करीब छह बजे एएसपी अमरिंदर सिंह और एसडीएम प्रीति सिंह को दिया गया। पंचायत की अध्यक्षता यूनियन के ग्राम अध्यक्ष बलवीर सिंह यादव ने की।
इस दौरान किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सूबे सिंह डागर, यूनियन की महिला प्रदेश अध्यक्ष आयुषी सिंधु, युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास चौधरी, सत्येंद्र सिंह, प्रमोद यादव, अनिल चौधरी, साबिर हुसैन ने भी पंचायत को संबोधित किया।