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यूपी : कृषि कानूनों के विरोध में सड़कों पर उतरे किसान, हाईवे पर रहा चक्का जाम

Fri, 06 Nov 2020 03:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद/ संभल/ रामपुर/अमरोहा
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विरोध-प्रदर्शन... - फोटो : amar ujala
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केंद्र सरकार हाल ही में लागू तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन असली गुट व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने संयुक्त रूप से मुरादाबाद मंडल के विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन व हाईवे जाम कर दिया। गुरुवार को दिनभर चले इस घटनाक्रम में दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को प्रधानमंत्री के नाम पांच सूत्री ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग भी की। 

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 मुरादाबाद के बिलारी तहसील में एसडीएम कार्यालय के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया। जाम स्थल पर भारतीय असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। एसडीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन देकर मांगे जल्द पूरी करने की मांग की।   

 उधर, संभल में संभल-हसनपुर मार्ग पर गैलुआ गांव के पास भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने दिन में सवा एक बजे से तीन बजे तक जाम लगाए रखा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की एक-एक किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। दिल्ली जाने वाली रोडवेज की बसें जाम में फंसी रहीं। एसडीएम दीपेंद्र यादव व सीओ अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे तो किसान नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पत्र सौंपा। इसके बाद जाम खुल सका। 
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वहीं, मुरादाबाद-आगरा हाइवे पर धनारी बस अड्डे के पास भाकियू असली के आह्वान पर किसानों ने दोपहर एक से दो बजे तक जाम लगाए रखा। सड़क पर पंचायत करने के बाद किसान नेताओं ने एसडीएम प्रेमचंद को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जाम हटा लिया गया। वहीं, संभल-चंदौसी मार्ग पर मोहम्मदपुर टांडा के पास भारतीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं व किसानों ने जिला प्रभारी करतार सिंह के नेतृत्व में दोपहर सवा दो से तीन बजे तक जाम लगाया। इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा व कांग्रेस की महिला नेता कल्पना सिंह आंदोलन को समर्थन देने पहुंची। 

 उधर, अमरोहा के मंडी धनौरा में भाकियू असली के कार्यकर्ता पहुंचे जहां भाकियू मंडलाध्यक्ष डूंगर सिंह ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। केंद्र से इन्हें वापस लेने की मांग की। इसके बाद भाकियू असली व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने तहसील के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। बाद में यहां भी अधिकारियों के ज्ञापन लेने के बाद जाम खोला गया। हसनपुर में किसानों ने पहले चीनी मिल परिसर में जाम लगाया। 

युवा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद नागर ने त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर की तरह कालाखेड़ा चीनी मिल प्रबंधन से भी किसानों को गन्ने की पर्चियां जारी करने की मांग की। बाद में चीनी मिल के जीएम डीके सक्सेना ने गन्ने की पर्चियां किसानों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया जिसके बाद किसान यहां से धरना समाप्त कर मिल के गेट नंबर एक के सामने हसनपुर-संभल मार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए। करीब 20 मिनट तक जाम लगा रहा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार महेंद्र यादव व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार को ज्ञापन सौंपने के बाद यहां धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। 

 उधर, रामपुर में भाकियू नेताओं ने जिलाध्यक्ष बाबू अली के नेतृत्व में मंसूरपुर बाइपास के पास हाईवे पर प्रदर्शन किया। किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य देने की मांग की। गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की भी मांग की। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया। 

किसानों की यह रहीं प्रमुख मांगे:

  • पिछले पेराई सत्र का गन्ना मूल्य बकाया अदा किया जाए
  • केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किए जाएं
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले दंडित किए जाएं
  • गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिन की अवधि में सुनिश्चित किया जाए
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों का कानून हक घोषित किया जाए
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