मुरादाबाद। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर आज होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए सोमवार को भी किसानों ने दिल्ली कूच किया। जिले के अलग अलग स्थानों से दिन भर ट्रैक्टर और कार से किसान दिल्ली रवाना होते रहे। इनमें युवा किसानों की संख्या अधिक थी। भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों में नए कृषि कानून का जबर्दस्त विरोध है और वह अपनी स्वेच्छा से दिल्ली पहुंच रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष का दावा है कि जिले से करीब 150 ट्रैैक्टर और निजी वाहनों से करीब 1200 किसान दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। उधर पूरा पुलिस और प्रशासनिक अमला भी किसानों को समझाने बुझाने में लगा रहा। कुछ नेताओं को घर में नजरबंद भी किया गया है।
दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए भाकियू नेताओं ने कई दिन तक अपने अपने क्षेत्र में किसानों से जनसंपर्क किया था। जिसके बाद शनिवार से ही किसानों का दिल्ली जाना शुरू हो गया था। भाकियू के तहसील और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी शनिवार और रविवार को अपने साथ ट्रैक्टरों के साथ किसानों को दिल्ली ले गए थे। सोमवार को भी सुबह से ही जिले के अलग अलग स्थानों से किसान दिल्ली जाते रहे। रामपुर और मूढापांडे के गांवों से किसानों के जत्थे टोल प्लाजा से होते हुए दिल्ली की ओर बढ़ते रहे। किसान ट्रैक्टरों के अलावा अपनी कार और अन्य निजी वाहनों से रवाना हुए। अधिकांश वाहनों पर तिरंगे लगे थे। किसान एकता जिंदाबाद और भारत माता की जय। नया कानून वापस लो वापस लो के नारे लगाते हुए ये आगे बढ़ रहे थे। उधर मुरादाबाद ,कांठ ,डिलारी, बिलारी आदि क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान दिल्ली रवाना हुए। मूढापांडे में भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष विनीत सागर की अगुवाई में किसान दिल्ली रवाना हुए । इनमें अधिकांश युवा किसान थे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि करीब 10 कारों से 50 भाकियू कार्यकर्ता दिल्ली गए हैं। कुछ ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचेंगे। दावा किया कि किसान अपना अधिकार लेकर ही वापस लौटेंगे।
भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि भाकियू के अधिकांश पदाधिकारी दिल्ली में पहुंच चुके हैं।
अब किसान अपनी स्वेच्छा से दिल्ली आ रहे हैं। युवा किसान भी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे हैं। दावा किया कि उम्मीद से अधिक किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं और गाजीपुर बॉर्डर पर पूरी तरह जाम के हालात हैं। इस ट्रैक्टर रैली से किसान सरकार को अपनी ताकत का अहसास करा देंगे। सरकार को इस काले कानून को वापिस लेना ही होगा।
तहसील के लेखपालों को भी लगाया, कुछ को नजरबंद बनाया
किसानों को समझा-बुझाकर दिल्ली जाने से रोकने में जुटा रहा पुलिस प्रशासन
मुरादाबाद। दिल्ली जा रहे किसानों को समझाने बुझाने में पूरा प्रशासनिक अमला जुटा रहा। इसके लिए तहसील प्रशासन की पूरी टीम को लगाया गया था। लेखपालों को भी अपने क्षेत्र में नजर रखने और दिल्ली जाने वाले किसानों को समझाने को कहा गया था। एसडीएम और तहसीलदार की भी मौखिक रुप से आला अफसरों ने किसान नेताओं से संपर्क कर उन्हें रोकने की हर संभव कोशिश करने को कहा गया था। लिहाजा पूरी तहसील टीम इसमें जुटी रही। किसान नेताओं से व्यक्तिगत मिलकर ओर फोन के माध्यम से संपर्क किया गया । संबंधित थानाध्यक्षों को भी अपने अपने क्षेत्र में नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। गांव के चौकीदारों से भी सूचना ली गई । एलआईयू भी सक्रिय थी । भाकियू नेता और किसान नेताओं की गतिविधियों के बारे में अधिकारियों को सूचना दी जा रही थी। जाने की तैयारी कर रहे नेताओं के यहां पुलिस भी काफी देर बैठी रही। मूंढापांडे में किसान यूनियन युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मौ. रिजवान को दलपतपुर स्थित उनके कार्यालय में पुलिस ने सोमवार की सुबह नजरबंद कर लिया । हालांकि पुलिस प्रशासन ने कहीं भी सख्ती नहीं की। केवल समझाने और दिल्ली ना जाने का अनुरोध किया गया हालांकि कुछ जगहों पर वह किसानों को रोकने में सफल भी रही।
किसानों से नहीं लिया टोल
मूढापांडे। दिसंबर में दिल्ली जा रहे किसानों को रोके जाने के बाद नियामतपुर इकरोटिया टोल पर काफी बखेड़ा हुआ था। घंटों जाम लगा था। इन दिनों दिल्ली कूच कर रहे किसानों के वाहनों से टोल वसूली नहीं की जा रही। झंडे बैनर लगे किसानों के वाहन देखकर टोल कर्मी उनसे टोल नहीं ले रहे। केवल वाहन नंबर नोट करके उन्हें निकाला जा रहा है। दरअसल किसान खुद भी टोल नहीं देते। लिहाजा टोल प्रशासन बिना टोल वसूली इन्हें जाने दे रहा है क्योंकि उसे चिंता है कि यदि किसानों ने बखेड़ा कर दिया तो वे पूरा टोल फ्री करा सकते हैं।