ठाकुरद्वारा। चार वर्ष से लापता गांव कालाझंडा के विजेंद्र को लेकर उसके परिजन बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे। गायब होने के समय बिजेंद्र नाबालिग था, अब 20 वर्ष का हो गया है।
गांव में करीब चार वर्ष पूर्व पाकेश चौहान के घर में चोरी हुई थी। इसे लेकर पाकेश चौहान ने विजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद बिजेंद्र गांव से गायब हो गया। विजेंद्र की मां इंद्रेश ने थाने में पाकेश चौहान और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ विजेंद्र का अपहरण करने और एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पुलिस ने विजेंद्र के अपहरण के आरोप में पाकेश चौहान को गिरफ्तार किया था। वह काफी समय तक जेल में रहा। कोतवाली क्राइम इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि जेल से छूटने के बाद पाकेश को कैंसर हो गया था और उसकी मौत हो गई है। उसके द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई चोरी की रिपोर्ट में एफआर लग चुकी है। लंबे समय से विजेंद्र को तलाश कर रही पुलिस के सामने अचानक परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचे। क्राइम इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि बिजेंद्र ने पुलिस को तीन साल तक ट्रक पर नौकरी करने और उसके बाद दिल्ली में कहीं काम करने की जानकारी दी है लेकिन उसने यह नहीं बताया कि उसने कहां-कहां और किसके यहां काम किया है। चूंकि घटना के समय बिजेंद्र नाबालिग था। इसलिए उसे बाल कल्याण समिति मुरादाबाद के समक्ष पेश किया गया है।