पुलिस ने जाली नोटों की खेप के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों गांव की छोटी मोटी दुकानों पर जाली करेंसी को जला रहे थे। पुलिस इनसे सख्ती से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पूछताछ में पता चला है कि जाली करेंसी की सप्लाई में काले शीशे लगी कारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जाली करेंसी के नेटवर्क की जड़ें नेपाल और श्रीलंका व बांग्लादेश तक पैवस्त हैं। भगतपुर पुलिस ने दो लोगों को गांव देहात की पैठ बाजारों में जाली करेंसी चलाते हुए पकड़ा है। हालांकि पुलिस ने देर रात तक इनकी गिरफ्तारी नहीं दर्शायी थी। अलबत्ता पुलिस इनसे पूछताछ कर इनके साथियों के नाम उगलवाने की कोशिश कर रही थी।
इनके जैसे ही दूसरे एजेंट भी गांव देहात की बाजारों में दुकानों पर जाली करेंसी चलाते हैं। पूरा खेल काले रंग के शीशे लगी कारों के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। इनमें से कई पर पुलिस और कुछ पर प्रेस लिखकर जाली करेंसी के तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। पुलिस की नजरों के सामने से ये गाड़ियां सरपट दौड़ जाती हैं और पुलिस इन्हें चेक नहीं करती। पुलिस गुरुवार को इस बाबत औपचारिक रूप से खुलासा कर सकती है।