मुरादाबाद। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के तत्वावधान में आयोजित आईएचजीएफ दिल्ली वर्चुअल फेयर के तीसरे दिन फैशन शो का आयोजन किया गया जिसमें मुरादाबाद का जलवा रहा। 300 बायर्स ने इसमें भाग लिया और इसे शानदार बताया।
फेयर में विशेष फोकस देने के लिए पूर्वोत्तर का एक खास थीम पैवेलियन भी बनाया गया है। इस थीम पैवेलियन का उद्घाटन हस्तशिल्प विकास आयुक्त शांतमनु ने किया। उन्होंने कहा कि भारत परंपरा, विरासत और कलाओं के मामले में सबसे समृद्ध देशों में एक है। भारत के कोने-कोने में उत्कृष्ट हस्तशिल्प कला देखने को मिल जाती है। पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में तो उत्पादों की एक बहुत बड़ी और एक्सक्लूसिव रेंज भी है। ईपीसीएचमहानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि परिषद नई-नई तरह की कोशिशों और देश विदेश में होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में हिस्सा लेकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रही है।
दिखाया हुनर
असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों में हस्तशिल्प में उपयोग की जाने वाले बहुत सी प्राकृतिक वस्तुएं जैसे केन, बांस, रेशम, क्ले, प्राकृतिक रेशे आदि बहुत बड़ी तादाद में पाए जाते हैं। इस दिन इन्हीं रेशों से बने उत्पादों का शानदार प्रदर्शन किया गया।
फैशन शो की धूम
इस दिन फैशन शो का आयोजन हुआ जिसमें मुरादाबाद के उत्पादों की धूम रही। फेयर अध्यक्ष नीरज खन्ना ने बताया कि वर्चुअल मोड पर फैशन शो का आयोजन हुआ। रैंप पर मॉडल्स ने चमड़े की जैकेट, बैग, ज्वैलरी, ड्रेस, जूट के बने बीच बैग और मेटल ज्वैलरी का प्रदर्शन किया। मॉडल्स ने एमआईजी इंटरनेशनल, ओल्ड विलेज ओवरसीज, अमलतास, अहूजा एसेसरीज, डी गीस क्त्रिस्एशन, हाउस ऑफ तुहीना और सरदार एक्सपोर्ट्स जैसे ब्रांड्स के उत्पादों के साथ रैंप पर जलवा बिखेरा जो मेले में हिस्सा ले रहे लोगों को मंत्रमुग्ध कर गया। मुरादाबाद केसाथ 300 से ज्यादा बायर्स जुड़े।
नोटिस का दिया जवाब
उत्पादों को कॉपी करने केमामले में संबंधित फर्मों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। फेयर अध्यक्ष के मुताबिक गत दिवस कुल 41 और मुरादाबाद की 13 फर्मों को दूसरे का उत्पाद कॉपी करने के आरोप में नोटिस दिए गए थे। इन्हाेंने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं और फेयर कमेटी आईटी सेल से इसका परीक्षण करा रही है।