एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केजीके कालेज में बीएससी की फेल छात्रा का एमएससी गणित में प्रवेश हो गया। कालेज प्रशासन ने इस जानकारी के होते ही छात्रा का प्रवेश निरस्त कर दिया। विवि प्रशासन का कहना है कि ऐसा कैसे हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। फेल छात्र-छात्राओं के दाखिले निरस्त करने के आदेश कर दिए हैं।
केजीके में सोमवार से एमएससी गणित की 80 सीटों पर स्लिप के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी। इसमें एक छात्रा को प्रवेश समिति के सदस्यों ने उसके प्रमाण पत्रों की जांच किए बिना प्रवेश दे दिया। मंगलवार को जब हिंदू कालेज की ओर से इस संबंध में फोन गया तो उन्होंने छात्रा के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया, जिसमें छात्रा बीएससी में फेल मिली।
प्रवेश समिति के सदस्य डॉ. उपदेश चौहान ने बताया कि फोन कर छात्रा के परिजनों को कालेज बुलाया गया। उन्होंने सुधार परीक्षा में पास होने की बात कहते हुए शपथ पत्र देने की बात कही लेकिन छात्रा के अनुत्तीर्ण होने की वजह से प्रवेश निरस्त कर दिया गया है। केजीके कालेज में फेल छात्रा के दाखिले का खुलासा हिंदू कालेज में मंगलवार को छात्रा लिबरा तनवीर के प्रवेश के दौरान हुआ।
इस छात्रा ने दाखिले के लिए विश्वविद्यालय की कालेज आवंटन स्लिप और शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रवेश समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रवेश समिति के सदस्य डॉ. संजीव राजन ने प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान उसकी बीएससी की अंक तालिका पर फेल अंकित होने के कारण प्रवेश देने से इन्कार कर दिया।
उस समय वह अपनी एक अन्य फेल साथी छात्रा का केजीके कालेज में प्रवेश होने का हवाला देते हुए खुद को प्रवेश दिलाने पर अड़ गई। यह जानकारी हिंदू कालेज से केजीके कालेज प्रशासन को हदी गई। उस समय केजीके कालेज प्रशासन ने आनन फानन में फेल छात्रा का प्रवेश निरस्त कर दिया ।
विश्वविद्यालय ने एमएससी गणित में प्रवेश के लिए मार्च में फार्म भरवाए थे। उस वक्त जो विद्यार्थी बीएससी अंतिम वर्ष में थे, उन्होंने भी आवेदन किया था। प्रवेश परीक्षा की लिखित परीक्षा मई माह में हुई और संबंधित छात्राएं अच्छी रैंक से पास हो गईं। जबकि जून माह में आए बीएससी मुख्य परीक्षा के परिणाम में वह फेल हो गई थीं। विश्वविद्यालय ने चार, पांच, छह जुलाई को हुई काउंसलिंग में प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को कॉल किया था। संबंधित छात्राओं ने इंटरनेट से प्राप्त फेल अंकतालिका काउंसलिंग में लगाई थी। जिस पर विश्वविद्यालय ने ध्यान नहीं दिया।
विश्वविद्यालय की लापरवाही है। काउंसलिंग का अर्थ ही प्रमाण पत्रों का सत्यापन होता है। इसमें काउंसलिंग सदस्यों को गंभीरता से कार्य करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुुआ।
डॉ. संजीव राजन, अध्यक्ष गणित विभाग, हिंदू कालेज।
यह मानवीय भूल है। किसी फेल विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। संबंधित छात्राओं के प्रवेश बुधवार को निरस्त कर दिए जाएंगे।
डॉ. एसएन सिंह, समन्वयक, एमएससी काउंसलिंग समिति, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय।