केंद्र सरकार की सख्ती के बाद रिहायशी इलाकों में मौजूद फैक्ट्रियों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन इलाकों में मौजूद फैक्ट्रियों की निशानदेही शुरू कर दी है। रिहायशी इलाकों में मौजूद उन कारखानों को भी हटाया जाएगा, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
मुरादाबाद में 500 से ज्यादा छोटे-बड़े कारखाने हैं। इनमें करीब 125 तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रजिस्टर्ड हैं, जबकि 300 से ज्यादा छोटे कारखाने बिना पंजीयन के चल रहे हैं। जिले में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए रिहायशी इलाकों में मौजूद फैक्ट्रियों को हटाने का निर्देश जारी किया तो क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड ने इसकी कवायद शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक वरवलान, गल शहीद, राममूर्ति तिराहा आदि इलाकों में मौजूद छोटे-बड़े कारखानों की निशानदेही की जा रही है। शुरूआती जांच में इस तरह की 40 फैक्ट्रियों की निशानदेही हुई है, जो रिहायशी इलाकों में मौजूद हैं। 25 से ज्यादा कारखानों की सूची प्रदेशीय बोर्ड को भेजी जा चुकी हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी अजय शर्मा के मुताबिक वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार काफी सख्त है। लिहाजा जो भी फैक्ट्रियां या छोटे-बड़े कारखाने रिहायशी इलाकों में मौजूद हैं, उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।