मुरादाबाद। अक्तूबर में दिल्ली में होने वाले हस्तशिल्प मेले के स्टॉल शुल्क में चार हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की कमी के प्रस्ताव पर 20 अगस्त को होने वाली ईपीसीएच बोर्ड बैठक में फैसला होगा। प्रस्ताव को लेकर निर्यातकों के बीच सहमति बनाने की कोशिश तेज हो गई है। व्हाट्सएप ग्रुपों में निर्यातकों ने स्टॉल शुल्क कम करने का समर्थन करते हुए ईपीसीएच के अध्यक्ष से इसे बोर्ड बैठक में मजबूती से रखने का आग्रह किया है।
ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि मौजूदा समय में निर्यात कारोबार आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में स्टॉल शुल्क में कमी से निर्यातकों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के अलावा नोएडा, सहारनपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, अलीगढ़, आगरा, रुड़की और संभल समेत विभिन्न निर्यात केंद्रों के निर्यातकों ने शुक्रवार को व्हाट्सएप ग्रुपों में शुल्क घटाने का समर्थन किया है। उन्होंने संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर निर्यातक हित को प्राथमिकता देने की अपील की। एक्सपोर्टर्स वाॅइस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के 13 अगस्त की हुई ईपीसीएच की बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर भी निर्यातकों के बीच चर्चा हुई। इस पर डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि वह एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप शंखधार से जल्द मुलाकात कर स्टॉल शुल्क में कटौती के प्रस्ताव पर समर्थन लेने का प्रयास करेंगे।
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स्टॉल शुल्क में कमी से निर्यातकों पर लागत का दबाव कम होगा : विशाल अग्रवाल
-एक्सपोर्टर्स वॉइस एसोसिएशन के महासचिव विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि संगठन स्टॉल शुल्क कम करने के प्रस्ताव का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि शुल्क में कमी होने से सभी निर्यातकों को लाभ मिलेगा। यदि ईपीसीएच की ओर से स्टॉल शुल्क घटाने का निर्णय लिया जाता है तो एसोसिएशन उसका पूरा समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि निर्यात कारोबार की मौजूदा परिस्थितियों में निर्यातकों पर लागत का दबाव कम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट वॉइस एसोसिएशन की स्थापना निर्यातकों की परेशानियों को दूर करने के लिए किया गया है। निर्यातकों को जिस भी निर्णय से फायदा मिले हम उन सभी निर्णयों का समर्थन करते हैं।