आईजीएसटी रिफंड में हो रही समस्याआें को लेकर निर्यातकों ने डिप्टी कमिश्नर कस्टम से मुलाकात की है। निर्यातकों के साथ बैठक के बाद डिप्टी कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि निर्यातकों की समस्याएं दूर करने के लिए महकमा सभी जरूरी कदम उठाएगा।
सीमा शुल्क आईसीडी मुरादाबाद कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर कस्टम अमित शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तमाम निर्यातक भी मौजूद रहे। कस्टम अधिकारियों ने निर्यातकों से उनकी समस्याएं पूछीं और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। निर्यातकों की ओर से आईजीएसटी रिफंड में हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया गया।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद आईजीएसटी भुगतान करके किए जा रहे निर्यातक के रिफंड की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। जिसके लिए निर्यातकों को अलग से कोई आवेदन नहीं देना है।
जीएसटीआर - 1, जीएसटी आर - 2, जीएसटी आर - 3, जीएसटी बी - 3, टेबिल 6 ए फाइल करते समय निर्यातकों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि शिपिंग बिल एंव जीएसटी रिटर्न्स में कोई त्रूटि न हो। दोनों प्रपत्रों में भरी सूचनाएं आपस में मेल खाती होनी चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने निर्यातकों को बताया कि आईजीएसटी रिफंड की प्रोसेसिंग केवल निर्यातकों द्वारा जीएसटी रिटर्न्स एवं संबंधित श्िािपंग लाइन द्वारा गेटवे पोर्ट ईजीएम ऑनलाइन फाइल करने के उपरांत ही होगी। बैठक में टर्मिनल मैनेजर कोनकोर जेके जीनगर, मनोज गौड़, आतुन घोष, आरएन कत्याल, अनुराग विश्नोई, अरुण दीक्षित, विकास राय आदि उपस्थित थे।