मुरादाबाद। सरकार ने बुधवार को ड्रा बैक की नई दरें घोषित कर दीं। लेकिन ब्रास आर्टवेयर पर ड्रा बैक की दरों में कोई इजाफा नहीं होने से निर्यातक मायूस हैं। ब्रास आर्टवेयर पर पहले ड्रा बैक की दर 2.2 प्रतिशत थी। जिसे जस का तस बरकरार रखा गया है। ग्लास आर्ट वेयर पर सरकार ने ड्रा बैक की दरों को जरूर 2.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत किया है। जबकि आयरन आर्ट वेयर पर ड्रा बैक की दरों को घटाकर 1.6 प्रतिशत कर दिया है। मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग में मुख्यत: ब्रास, एल्युमीनियम, आयरन और ग्लास का इस्तेमाल होता है।
ड्रा बैक की दरें जारी होने के बाद एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के महानिदेशक राकेश कुमार ने कहा कि काफी समय से ड्रा बैक की नई दरें जारी होने का इंतजार किया जा रहा था। उम्मीद थी कि ड्रा बैक की दरें बढ़ेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांच की कलाकृतियों को छोड़ बाकी अधिकांश हस्तशिल्प उत्पादों पर ड्रा बैक की दरों को समान रखा गया है। पीतल आर्ट वेयर के मामले में सिर्फ कैप वैल्यू में वृद्धि हुई है। युवा निर्यातकों की संस्था यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी (यस) के चेयरमैन विशाल अग्रवाल ने भी ड्रा बैक की नई दरों पर निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार से उम्मीद थी कि हस्तशिल्प उद्योग को कुछ राहत मिलेगी लेकिन ड्रा बैक की नई दरों से कोई राहत नहीं मिली। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव अवधेश अग्रवाल का कहना है कि ड्रा बैक के नए रेट बहुत निराशाजनक हैं। पहले से ही ड्रा बैक की दरें काफी कम थीं।