मुरादाबाद। अमेरिका के हवाई हमलों में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत ने अमेरिका और ईरान के टकराव को और भी बढ़ा दिया है। दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। इसे लेकर अंतर्राष्ट्रीय जगत में तो खलबली का माहौल है ही, मुरादाबाद के निर्यातक भी बेचैन हैं। मुरादाबाद से ईरान को सालाना 550 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात होते हैं। ईरान पर दो साल पहले लगे अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान के साथ डॉलर में कारोबार पर पहले ही रोक लग चुकी। अब युद्ध जैसे हालात पैदा होने से निर्यातकों को बाकी बचा कारोबार भी सिमट जाने की आशंका है।
अपने परमाणु कार्यक्रम की वजह से ईरान पिछले करीब दो साल से अमेरिका के कठोर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। अमेरिका के दबाव में डब्ल्यूटीओ ने ईरान पर कई कारोबारी प्रतिबंध लगाए हैं। जिनकी वजह से ईरान किसी भी देश के साथ डॉलर में कारोबार नहीं कर सकता। यही वजह है कि ईरान की मुद्रा ईरानी रियाल का अवमूल्यन बहुत तेजी से हुआ है। मौजूद समय में एक डॉलर की कीमत 42105 ईरानी रियाल के बराबर है। मुरादाबाद लंबे समय से ईरान को हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात करता रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद मुरादाबाद के निर्यातक किसी तीसरे देश की मार्फत ईरानी बायर्स से थर्ड पार्टी डॉलर पेमेंट लेते रहे हैं। इसके अलावा कुछ निर्यातक ईरान के साथ रुपये में भी कारोबार कर रहे हैं। लेकिन अमेरिकी हमले में ईरानी जनरल की मौत के बाद हालात बदल सकते हैं। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के पूर्व चेयरमैन सतपाल का कहना है कि अमेरिका और ईरान के टकराव से ईरान को होने वाला 550 करोड़ रुपये का निर्यात पूरी तरह खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही ईरान को होने वाले निर्यात में बहुत मुश्किलें आ रही थीं। अमेरिका की ओर से पैनाल्टी लगा दिए जाने के डर से बैंक ईरान के साथ हुए ट्रेड पर निर्यातकों के जीआर फार्म क्लियर नहीं कर रहे थे। केंद्र सरकार के दखल के बाद आरबीआई ने ईरान को निर्यात करने वाले मुरादाबाद के 50 से अधिक निर्यातकों के फार्म मैनुअल भरवाने का निर्देश दिया था। सतपाल का कहना है कि ताजा हालात से ईरान को निर्यात संभव नहीं होगा। ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार का कहना है कि ईरान को होने वाला हस्तशिल्प निर्यात पहले से काफी मुश्किलें झेल रहा है। ईरान के ताजा हालात के मद्देनजर समीक्षा करके स्थिति का आंकलन करेंगे।
ईरान में पोर्ट पर फंसे कंटेनर
मुरादाबाद। निर्यातकों का कहना है कि ईरान को भेजे गए कंटेनर पोर्ट पर भी पडे़ हैं। तेजी से मुद्र अवमूल्यन से घबराए ईरान ने 1200 से अधिक उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें मुरादाबाद से निर्यात होने वाले कुछ उत्पाद भी शामिल हैं। निर्यातकों का कहना है कि ईरानी बायर्स उन्हें पेमेंट पूरा कर चुके हैं। इसके बाद भी ईरान के अधिकारियों ने कंटेनर को पोर्ट से रिलीज नहीं किया है। आयात पर अंकुश लगाकर ईरान अपनी मुद्रा को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है।